राज्य कृषि समाचार (State News)

पशुपालन से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़ की महिलाएं, बन रहीं ‘लखपति दीदी’

23 जुलाई 2025, भोपाल: पशुपालन से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़ की महिलाएं, बन रहीं ‘लखपति दीदी’ – छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ‘संगम अभियान’ के तहत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड की ग्राम पंचायत तंजरा में पशुपालन पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 35 महिलाओं ने हिस्सा लिया। ये महिलाएं मनरेगा के तहत बकरी शेड, मुर्गी शेड और सूकर पालन शेड की लाभार्थी हैं।

वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन की जानकारी

इस प्रशिक्षण में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामस्वरूप चंदे ने महिलाओं को बताया कि कैसे वे वैज्ञानिक तरीके से बकरी, मुर्गी और सुअर पालन कर सकती हैं। उन्होंने रोग प्रबंधन, टीकाकरण, पोषण और साफ-सफाई जैसे जरूरी विषयों पर जानकारी दी। महिलाओं ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं, जिनका डॉक्टर साहब ने समाधान किया।

50 महिलाओं को मिल चुका है शेड का लाभ

ग्राम पंचायत तंजरा में अब तक 50 महिला हितग्राहियों को मनरेगा के तहत पशुपालन शेड दिए जा चुके हैं। इन्हें ‘लखपति दीदी अभियान’ से जोड़ा गया है, ताकि ये महिलाएं खुद की आमदनी बढ़ाकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।

प्रशासन की पहल: हर महिला बने ‘लखपति दीदी’

जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि यह प्रशिक्षण कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आय आधारित गतिविधियों से जोड़ना है ताकि वे आत्मनिर्भर बनें।”

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उन्होंने बताया कि ‘संगम अभियान’ के माध्यम से महिलाओं को न सिर्फ ज्ञान मिल रहा है, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे परिवार और समाज में सम्मान के साथ जीवन बिता सकें।

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