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राज्य कृषि समाचार (State News)

शहडोल की किसान दीदियां बन रहीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, ड्रोन से छिड़काव तो ई-ऑटो से कमा रहीं ₹500 रोज  

02 नवंबर 2026, शहडोल: शहडोल की किसान दीदियां बन रहीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, ड्रोन से छिड़काव तो ई-ऑटो से कमा रहीं ₹500 रोज – मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में ग्रामीण महिलाएं आधुनिक तकनीक और स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। कोई ड्रोन से खेतों में कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव कर रही है, तो कोई ई-ऑटो रिक्शा चलाकर प्रतिदिन 500 रुपये तक कमा रही है। वहीं, कुछ महिलाएं रीपर मशीन की मदद से फसल कटाई का काम कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। इन महिलाओं की पहल से गांवों में रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने ग्राम भटिगवां खुर्द पहुंचकर किसान दीदियों द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ड्रोन से खेतों में कीटनाशक और उर्वरक के छिड़काव का प्रदर्शन देखा। उन्होंने महिलाओं से उनकी गतिविधियों और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें कृषि कार्यों को अधिक सुविधाजनक और लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

ड्रोन से खेतों में कर रहीं छिड़काव

ग्राम की किसान दीदी शकुंतला ने इंदौर से ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने कलेक्टर के सामने ड्रोन की मदद से खेत में कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव करके दिखाया। ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से कृषि कार्यों को आसान बनाने और समय की बचत करने में मदद मिल सकती है।

ई-ऑटो से रोजाना ₹500 तक की कमाई

ग्राम की गौरी सिंह ई-ऑटो रिक्शा चलाकर अपनी आजीविका चला रही हैं। उन्होंने बताया कि ई-ऑटो के संचालन से उन्हें प्रतिदिन लगभग 500 रुपये तक की आय हो जाती है। वहीं, चंद्रवती सिंह फसल कटाई के लिए रीपर मशीन का उपयोग करती हैं। वह आसपास के गांवों के किसानों को भी रीपर मशीन की सुविधा उपलब्ध कराती हैं और इससे अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।

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10 महिलाओं को मिलेंगे बकरी पालन शेड

ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए बकरी पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। कलेक्टर ने इस गतिविधि को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके तहत जनपद पंचायत के माध्यम से 10 चयनित हितग्राहियों के लिए बकरी पालन शेड स्वीकृत किए जाएंगे। आवश्यकता और पात्रता के अनुसार इस योजना का विस्तार कर अन्य महिलाओं को भी लाभान्वित किया जाएगा।

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प्रशिक्षण और संसाधनों से मिल रहा सहयोग

इस दौरान बताया गया कि प्रदान संस्था की ओर से महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण देने के साथ आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा कि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ आसपास की अन्य महिलाओं को भी आयमूलक गतिविधियों से जोड़ें। उन्हें प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग करें। महिलाओं के कौशल और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम प्रजापति, एसडीएम काजोल सिंह, जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवानी जैन, किसान दीदियां और प्रदान संस्था के जिला प्रबंधक प्रशांत शर्मा उपस्थित रहे। 

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