राज्य कृषि समाचार (State News)

नवाचारों के साथ विदिशा में गेहूं उपार्जन प्रशिक्षण सम्पन्न

06 अप्रैल 2026, इंदौर: नवाचारों के साथ विदिशा में गेहूं उपार्जन प्रशिक्षण सम्पन्न –  रबी विपणन मौसम 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूँ उपार्जन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में जिला पंचायत सभागार, विदिशा में स्व सहायता समूहों एवं ग्राम संगठनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम नवाचारों के साथ आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में आज जिला पंचायत के सभागार में संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण में जिले के 25 स्व सहायता समूह, ग्राम संगठन, संकुल स्तरीय संगठन तथा मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के विकासखण्ड एवं सहायक विकासखण्ड प्रबंधकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के सहकारी बैंक, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन, जिला खाद्य आपूर्ति एवं विपणन विभाग के अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही। इस बार प्रशिक्षण में पारंपरिक तरीकों के साथ कई नवाचारों को शामिल किया गया। उपार्जन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल पंजीयन, ऑनलाइन डेटा एंट्री, इलेक्ट्रॉनिक तौल प्रणाली तथा गुणवत्ता परीक्षण के आधुनिक तरीकों पर विशेष फोकस किया गया। इससे किसानों को समयबद्ध भुगतान और सही मूल्य सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। विशेष रूप से पुष्पा कुशवाह (अध्यक्ष, रानी लक्ष्मी बाई स्व सहायता समूह, भोपाल) द्वारा सफल उपार्जन केंद्र संचालन के व्यावहारिक अनुभव साझा किए गए। उन्होंने बताया कि समूह आधारित प्रबंधन से कार्य में पारदर्शिता बढ़ती है और महिलाओं को नेतृत्व के अवसर मिलते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान तौल प्रक्रिया, किसान पंजीयन, गुणवत्ता परीक्षण, रिकॉर्ड संधारण एवं किसानों से समन्वय जैसे विषयों को व्यवहारिक उदाहरणों के साथ समझाया गया। विशेषज्ञों ने उपार्जन कार्य में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के लिए नवीन प्रबंधन तकनीकों पर भी प्रकाश डाला। यह पहल न केवल उपार्जन केंद्रों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का भी सशक्त माध्यम बन रही है। महिला स्व सहायता समूहों को उपार्जन कार्य में शामिल कर प्रशासन ने समावेशी विकास का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा निर्देश दिए गए कि सभी संबंधित विभाग नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें और स्व सहायता समूहों को आवश्यक संसाधन एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं, ताकि उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू और पारदर्शी बनी रहे। कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्व सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई है।

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