राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी तेज: अब तक 1.88 लाख किसानों से 81.76 लाख क्विंटल उपार्जन, 1083 करोड़ भुगतान

22 अप्रैल 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी तेज: अब तक 1.88 लाख किसानों से 81.76 लाख क्विंटल उपार्जन, 1083 करोड़ भुगतान – मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक एक लाख 88 हज़ार 971 किसानों से 81 लाख 76 हजार 970 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। एक लाख से अधिक किसानों को 1083 करोड़ 80 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। अभी तक 6 लाख 24 हजार 235 किसानों द्वारा 2 करोड़ 62 लाख 26 हजार 360 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़कर 6 कर दी गई है। इससे समय पर किसानों द्वारा लाये गए गेहूं की तुलाई हो सकेगी। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं पाए गए खसरों को छोड़कर उसी किसान के शेष खसरों पर गेहूँ की फसल विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है।

दिनांकवार खरीदी की स्थिति

15 अप्रैल – 42,689 किसान, 18,97,480 क्विंटल
16 अप्रैल – 69,554 किसान, 3,07,996 क्विंटल
17 अप्रैल – 1,30,655 किसान, 57,13,640 क्विंटल
18 अप्रैल – अवकाश
19 अप्रैल – 1,36,237 किसान, 59,48,980 क्विंटल
20 अप्रैल – 1,45,071 किसान, 63,27,410 क्विंटल
21 अप्रैल – 1,88,971 किसान, 81,76,970 क्विंटल

स्लॉट बुकिंग की क्षमता बढ़ाई गई

उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई थी। अब इसे बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र कर दिया गया है।

उपार्जन केंद्रों पर सभी सुविधाएं उपलब्ध

मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि उपार्जन केंद्रों में गेहूँ विक्रय की सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। केंद्रों पर छायादार स्थान में बैठने और पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा एवं छनना जैसी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

समर्थन मूल्य के साथ बोनस भी

रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था कर ली गई है। उपार्जित गेहूँ के भंडारण के लिये जूट बारदानों के साथ पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। अब तक उपार्जित गेहूँ में से 64 लाख 58 हजार 710 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है।

उपार्जन के लिए रिकॉर्ड पंजीयन

प्रदेश में इस वर्ष गेहूँ उपार्जन के लिये रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।

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