सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह  (25 से 31 जुलाई )

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25 जुलाई 2022, इंदौर: सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह  (25 से 31 जुलाई ) – भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर ने सोयाबीन कृषकों को 25 से 31 जुलाई की अवधि के लिए उपयोगी सलाह दी गई है, जो इस प्रकार है –                                          

सामान्य सलाह

1 -लगातार वर्षा होने की स्थिति में अपने खेत से अतिरिक्त  जल-निकासी  की व्यवस्था सुनिश्चित  करें।

2 -अपने खेत की नियमित  निगरानी  करें एवं 3-4 जगह के पौधों को हिलाकर सुनिश्चित करें कि  क्या आपके खेत में किसी इल्ली/कीट का प्रकोप हुआ है या नहीं और यदि है, तो कीड़ों की अवस्था क्या हैं? तदनुसार उनके नियंत्रण के उपाय अपनाएं।

3 – सोयाबीन की फसल में कीटनाशक एवं खरपतवारनाशक के मिश्रित उपयोग का संयोजन अभी तक केवल निम्न 3 कीटनाशक एवं 2 खरपतवारनाशकों के लिए  ही अनुशंसित किया गया है। इनके अतिरिक्त  किसी अन्य संयोजन की अनुशंसा नहीं है।

4 – पीला मोज़ेक रोग से सुरक्षा हेतु रोगवाहक कीट सफ़ेद मक्खी के नियंत्रण के लिए अपने खेत में विभिन्न स्थानों पर पीला स्टिकी  ट्रैप लगाएं.।

5 -कीटनाशक या खरपतवारनाशक केछिड़काव  के लिए  पानी की अनुशंसित  मात्रा का उपयोग करें (नेप्सेक स्प्रेयर से 450 लीटर/हे या पॉवर स्प्रेयर से 120 लीटर/हे न्यूनतम)।

6 – किसानों को सलाह है कि कीटनाशक के छिड़काव  हेतु कोन नोजल जबकि  खरपतवारनाशक के छिड़काव हेतु फ्लड जेट/फ्लैट फेन नोजल का उपयोग करें।

7 -सोयाबीन की फसल में पक्षियों की बैठने हेतु ”T“ आकार के बर्ड पर्चेस लगाएं।  इससे कीट-भक्षी पक्षियों द्वारा भी इल्लियों  की संख्या कम करने में सहायता मिलती है।

8 – किसी भी प्रकार का कृषि आदान क्रय करते समय दुकानदार से हमेशा पक्का बिल लें जिस  पर बैच नंबर एवं एक्सपायरी दिनांक  स्पष्ट लिखी  हो।

9  -सोयाबीन का जैविक  उत्पादन  लेने वाले किसान  कृपया पत्ती खाने वाली इल्लियों  (सेमीलूपर, तम्बाकू की इल्ली ) से फसल की सुरक्षा एवं प्रारम्भिक  अवस्था में रोकथाम हेतु बेसिलस थुरिन्जेंसिस अथवा ब्युवेरिया बेसिआना या नोमुरिया  रिलेयी ( 1.0ली/.हेक्टे) का प्रयोग करें।

10 -सोयाबीन फसल में तम्बाकू की इल्ली एवं चने  की इल्लियों के प्रबंधन हेतु बाजार में उपलब्ध कीट विशेष फेरोमोन ट्रैप या प्रकाश प्रपंच लगाएं।

सोयाबीन में फसल प्रबंधन (खरपतवार, कीट एवं रोग नियंत्रण ) हेतु सलाह

1 -खरपतवार नियंत्रण के लिए  अभी तक किसी भी प्रकार के खरपतवारनाशकों का प्रयोग नहीं करने वाले किसानों को सलाह है कि 15 -20  दिन की फसल होने पर सोयाबीन के लिए अनुशंसित खड़ी फसल में उपयोगी किसी एक रासायनिक खरपतवार नाशक का छिड़काव करें।(देखें तालिका 1 )।

2 -बोवनी पूर्व  बोवनी केतुरंत बाद उपयोगी खरपतवारनाशक का छिड़काव  करनेवाले किसानों को सलाह है कि  20-30 दिन  की फसलअवस्था के दौरान  डोरा/कुलपा चलाएं।

3  -जिन्होंने बोवनी पूर्व  या बोवनी के तुरंत बाद उपयोगी खरपतवारनाशकों का अभी तक प्रयोग नहीं किया है, सलाह है कि अनुशंसित  कीटनाशकों के साथ संगतता पाए जाने वाले वाले निम्न  खरपतवारनाशक एवं कीटनाशकों में से किसी  एक को मिलाकर  छिड़काव किया  जा सकता है-

(1) कीटनाशक: क्लोरइंट्रानिलिप्रोल 18.5 एस.सी. (150 मिली /हे) या क्विनाल्फोस 25 ई.सी (1 ली/हे) या इन्डोक्साकर्ब 15.8 एस.सी (333 दम.ली./हे)(2) खरपतवारनाशक: इमाज़ेथापायर 10 एस.एल (1 ली/हे) या क्विजालोफोप इथाइल 5 ई.सी (1 ली/हे)।

4 – जहाँ पर फसल 15-20 दिन की हो गई हो, पत्ती खाने वाले कीटों से सुरक्षा हेतु फूल आने से पहले ही सोयाबीन फसल में क्लोरइंट्रानिलिप्रोल 18.5 एस.सी. (150 मिली /हे)का छिड़काव करें। इससे अगले 30 दिनों  तक पर्ण भक्षी कीटों से सुरक्षा मिलेगी।

5 –  तना मक्खी के नियंत्रण  हेतु सलाह है कि पूर्व मिश्रित कीटनाशक थायोमिथोक्सम 12.60%+लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 09.50% जेड.सी. (125 मिली ./हे.) का छिड़काव  करें।

6 –  तम्बाकू की इल्ली के नियंत्रण हेतु निम्न  में से किसी  एक कीटनाशक का छिड़काव करने की सलाह है  इससे पत्ती खाने वाली अन्य इल्लियां (चने की इल्ली या सेमीलूपर इल्ली) का भी नियंत्रण  होगा।

लैम्बडा सायहेलोथ्रिन 04.90 सी.एस. (300 मिली /हे) या क्विनालफॉस 25 ई.सी. (1 ली/हे) या क्लोरइंट्रानिलिप्रोल 18.5  एस.सी (150 मिली /हे) या इमामेक्टिन  बेंजोएट 01.90 (425  मिली /हे) या ब्रोफ्लानिलिडे  300 एस.सी. (42-62 ग्राम/हे) या फ्लूबेन्डियामाइड 20ड्ल्यू.जी. (250-300 ग्राम/हे) या फ्लूबेन्डियामाइड 39.35एस.सी (150 मिली /हे) या इन्डोक्साकर्ब  15.8एस .सी. (333 मिली /हे) या प्रोफेनोफॉस 50ई.सी . (1  ली/हे) या स्पायनेटोरम 11.7एस.सी (450 मिली /हे) या टेट्रानिलिप्रोल 18.18 एस.सी. (250-300 मिली /हे)।

7-मध्यप्रदेश के कुछ क्षेत्रो में (देवास जिला )  बि हार हेयरी कैटरपिलरका प्रकोप प्रारंभ होने की सूचना है। किसानों  को सलाह है किप्रारम्भिक अवस्था में झुण्ड में रहने वाली इन इल्लियों  को पौधे सहित  खेत से निष्कासित  करें एवं इसके नियंत्रण  हेतु फसल पर क्विनालफॉस 25 ई.सी. (1 ली/हे) या लैम्बडा सायहेलोथ्रिन 04.90  सी.एस. (300 मि ली/हे) या इंडोक्साकार्ब  15.8एस .सी. (333  मि ली/हे) का छिड़काव करें।

8 -कुछ  क्षेत्रों  में रायजोक्टोनिया एरिअल ब्लाइट का प्रकोप होने की सूचना  प्राप्त हुई है। कृषकों को सलाह है कि नियंत्रण के लिए हेक्साकोनाझोल %5ईसी (1 मि ली/ली पानी ) का छिड़काव  करें।

संलग्न – तालिका  1: सोयाबीन की खड़ी फसल में उपयोगी अनुशंसित खरपतवारनाशकों की सूची

सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह  (25 से 31 जुलाई )

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