राज्य कृषि समाचार (State News)

उमरिया: मृदा परीक्षण के आधार पर ही करें उर्वरकों का उपयोग

28 जून 2026, उमरियाउमरिया: मृदा परीक्षण के आधार पर ही करें उर्वरकों का उपयोग – खरीफ सीजन में फसलों का बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करने तथा भूमि की उर्वरा शक्ति को लंबे समय तक बनाए रखने के उद्देश्य से कृषि विभाग, उमरिया ने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर ही रासायनिक उर्वरकों के उपयोग की अपील की है।

उप संचालक कृषि ने बताया कि किसान नत्रजन (यूरिया), फॉस्फोरस एवं पोटाश जैसे रासायनिक उर्वरकों का अंधाधुंध प्रयोग न करें। उर्वरकों की मात्रा का निर्धारण अपनी भूमि की मृदा परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार ही करें। इससे खेती की लागत कम होगी, फसल उत्पादन बेहतर होगा तथा मिट्टी की गुणवत्ता और संरचना भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ जैविक खाद, गोबर खाद एवं हरी खाद का समन्वित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। इससे भूमि की उपजाऊ क्षमता बनी रहती है और दीर्घकाल में उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होती है। किसानों से समय पर बुवाई, उचित जल प्रबंधन तथा संतुलित पोषण अपनाने की भी अपील की गई है।

खरीफ की प्रमुख फसलों के लिए विभाग द्वारा जारी अनुशंसा के अनुसार मक्का एवं ज्वार के लिए 12ः32ः16 उर्वरक के 3 बैग तथा 15 किलोग्राम पोटाश का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वैकल्पिक रूप से 20ः20ः0ः13 के 2 बैग, 10 किलोग्राम यूरिया, 5 बैग सिंगल सुपर फॉस्फेट तथा 1 बैग पोटाश का उपयोग किया जा सकता है। सोयाबीन फसल के लिए 12ः32ः16 उर्वरक के 3 बैग एवं 4 बैग यूरिया अथवा 20ः20ः0ः13 के 4 बैग, 5 बैग यूरिया, 2 बैग सिंगल सुपर फॉस्फेट तथा 1 बैग पोटाश की अनुशंसा की गई है। इसी प्रकार अरहर फसल के लिए 12ः32ः16 उर्वरक के 3 बैग, 5 किलोग्राम यूरिया तथा 15 किलोग्राम पोटाश के उपयोग की सलाह दी गई है।

उप संचालक कृषि ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अपनी भूमि की स्थिति एवं मृदा परीक्षण रिपोर्ट के अनुरूप ही उर्वरकों का चयन करें। खेती से संबंधित अधिक जानकारी एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान अपने निकटतम कृषि विस्तार अधिकारी अथवा जिला कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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