राज्य कृषि समाचार (State News)

बुरहानपुर में बताया दलहन फसल लगाकर बढ़ाएं फसल उत्पादन

Share

04 जुलाई 2024, बुरहानपुर: बुरहानपुर में बताया दलहन फसल लगाकर बढ़ाएं फसल उत्पादन – कृषि विभाग द्वारा बुरहानपुर जिले में खरीफ सीजन में अरहर की नई किस्मों का प्रदर्शन किसानों के  खेतों पर आयोजित किया जा रहा है। कृषि उप संचालक श्री एम.एस.देवके ने जानकारी देते हुए बताया कि, नई किस्मों के उपयोग से उत्पादन में तो वृद्धि होगी ही, साथ ही किसानों की आय में भी वृद्धि हो सकेगी।

जिले में किसानों द्वारा अरहर की नई किस्म रेणुका, भीमा एवं पूसा अरहर-16 का प्रदर्शन किया जा रहा है। अरहर की रेणुका किस्म 165-170 दिनों में परिपक्व होकर 18-21 क्वि. प्रति हेक्टेयर उत्पादन देती है। यह उकठा के लिये मध्यम प्रतिरोधी एवं मोजेक रोग के प्रति प्रतिरोधी है। भीमा किस्म 160-165 दिन में परिपक्व होकर 12-15 क्वि. प्रति हेक्टेयर उत्पादन देती है। वहीं अरहर की सबसे कम दिन में परिपक्व होने वाली किस्म पूसा अरहर-16 है, जो 120 दिन में परिपक्व हो जाती है एवं 10-12 क्वि. प्रति हेक्टेयर उत्पादन इसमें प्राप्त होता है। अरहर की पूसा-16 किस्म को किसान अंतरवर्ती फसल के रूप में भी लगा सकते है, क्योंकि इसकी ऊंचाई 4 फीट के लगभग होती है।

सोयाबीन फसल में सुरक्षा हेतु सलाह –  कृषि  विभाग द्वारा किसानों को आवश्यक सलाह दी गई है। कृषकगण बीज के साथ उर्वरक मिलाकर सोयाबीन की बोवनी ना करें। इससे भूमि में बीज सड़ने का खतरा रहता है। अनुशंसित उर्वरकों को या तो सीड-कम-फर्टिलायजर से  डालें  अथवा बोवनी से पहले अपने खेत में छिड़काव करें, तत्पश्चात सोयाबीन की बोवनी की  जाए । फसल में पोषक तत्वों की पूर्ति निर्धारित मापदण्ड अनुसार कर ली  जाए । असिंचित क्षेत्रों में जहां रबी की फसल संभव नहीं हो, वहां सोयाबीन के साथ अरहर की अंतरवर्तीय फसल (4 अनुपात 2) उगाना अधिक लाभकारी है। जबकी सिंचित क्षेत्रों में सोयाबीन के साथ मक्का, ज्वार, कपास, बाजरा आदि अंतरवर्तीय फसलों का ही चुनाव करें, जिससे रबी फसल की बोवनी पर प्रभाव न  पड़े ।  सोयाबीन बोवनी के तुरन्त बाद खरपतवार नाशक डायक्लोसूलम 84 डब्ल्यू डीजी (26-30 ग्रा./है.), पेण्डीमिथालीन 30 ईसी (2.50-3.30 ली./है.) क्लोमोझोन 50 ईसी (1.50-2.00 ली./ है.) मात्रा का उपयोग करें। सोयाबीन बोनी के 10-12 दिन बाद क्लोरीम्यूरान इथाईल 25 डब्ल्यू.पी.$सर्फेक्टेन्ट 36 ग्राम प्रति है. का उपयोग करें।

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Share
Advertisements