प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में टीकमगढ़ का उत्कृष्ट प्रदर्शन, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित
13 अक्टूबर 2026, टीकमगढ़: प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में टीकमगढ़ का उत्कृष्ट प्रदर्शन, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (च्डक्क्ज्ञल्) के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में समेकित कृषि विकास अंतर्गत विशेषतः फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाने पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीकमगढ़ जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। योजना के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित एनएएससी कॉम्प्लेक्स में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में जिले की उपलब्धियों के लिए कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय को सम्मानित किया गया है।
भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों की मासिक समीक्षा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज कराने पर मध्यप्रदेश के पांच जिलों टीकमगढ़, उमरिया, सीधी, शहडोल और डिंडौरीकृका राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन किया गया। टीकमगढ़ को मिला यह सम्मान कृषि उत्पादन में वृद्धि, जल संरक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मत्स्य पालन, सहकारिता के डिजिटलीकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में किए गए प्रभावी प्रयासों और उपलब्धियों को रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को सशक्त बनाना है। योजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप जिले में कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी गतिविधियों की नियमित समीक्षा की गई और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से निरंतर प्रगति सुनिश्चित की गई।योजना के एक वर्ष पूर्ण होने पर नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में टीकमगढ़ जिले से योजना से जुड़े पांच प्रतिनिधियों को शामिल होने के लिए कहा गया था। इनमें कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय, योजना की नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अंजली शर्मा, कृषि वैज्ञानिक डॉ. बी.एस. किरार, उपसंचालक कृषि श्री मनोज कश्यप और प्रगतिशील कृषक श्री बालचंद्र अहिरवार शामिल हुए।टीकमगढ़ जिले को प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे समन्वित प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने, किसानों के हित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए अवसर सृजित करने के प्रयासों को नई दिशा और प्रेरणा प्रदान करेगा।गेहूं उत्पादन एवं कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धिजिले में कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में गेहूं का उत्पादन 6.12 लाख मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 6.92 लाख मीट्रिक टन हो गया। इसी अवधि में गेहूं का रकबा 2.08 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.22 लाख हेक्टेयर से अधिक हो गया। खरीफ फसलों के अंतर्गत 2,30,810 हेक्टेयर क्षेत्र में बोवनी दर्ज की गई, जो निर्धारित लक्ष्य 2,30,800 हेक्टेयर से अधिक है। वहीं, उड़द के रकबे में 16.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।जल संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को मिला बढ़ावाजल संरक्षण के क्षेत्र में जिले ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 134 नए जल संग्रहण ढांचों का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा किया है। वाटरशेड घटक के अंतर्गत 7,392 हेक्टेयर क्षेत्र में संरक्षण संबंधी कार्य किए गए हैं। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत जिले में 5,225 किसान 2,090 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, जबकि 1,983 किसान जैविक खेती से जुड़े हुए हैं।मत्स्य पालन और सहकारिता के क्षेत्र में भी उपलब्धिमत्स्य पालन के क्षेत्र में जिले ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रगति दर्ज की है। 461 इकाइयों के लक्ष्य के विरुद्ध 529 इकाइयां दर्ज की गईं। सहकारिता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जिले की सभी 64 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का कंप्यूटरीकरण पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही महिला किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीओ) के माध्यम से 1,200 से अधिक महिलाओं को जोड़कर उनकी आजीविका एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं।प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत टीकमगढ़ जिले को प्राप्त राष्ट्रीय सम्मान जिले में कृषि एवं ग्रामीण विकास के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान कृषि उत्पादन बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्रदान करता है।
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