राज्य कृषि समाचार (State News)

छिंदवाड़ा में तीन दिवसीय जिला स्तरीय मिलेट्स मेले का समापन  

03 मार्च 2026, छिन्‍दवाड़ा: छिंदवाड़ा में तीन दिवसीय जिला स्तरीय मिलेट्स मेले का समापन – मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाए जाने के क्रम में शासन की मंशानुसार एवं जिला प्रशासन छिंदवाड़ा के निर्देशन में 26 से 28 फरवरी 2026 तक पोला ग्राउंड (दशहरा मैदान) छिंदवाड़ा में तीन दिवसीय जिला स्तरीय मिलेट्स मेले का सफल आयोजन किया गया। मेले का उद्देश्य श्री अन्न (कोदो, कुटकी, सांवा, ज्वार, बाजरा एवं रागी) फसलों के व्यापक प्रचार-प्रसार, ब्रांड वैल्यू स्थापित करने, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन को बढ़ावा देने तथा कृषकों, युवाओं, उद्यमियों, एफपीओ, स्व-सहायता समूहों एवं उपभोक्ताओं को एक मंच पर जोड़ना रहा।

मेले में लगभग 60 स्टॉलों के माध्यम से जिले के एफपीओ, स्व-सहायता समूहों, एनजीओ एवं निजी संस्थाओं द्वारा मिलेट आधारित व्यंजनों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। नरसिंहपुर, डिंडोरी एवं मंडला जिलों से आए प्रतिभागियों ने भी अपने उत्पाद प्रदर्शित किए।  मिलेट फूड फेस्टिवल में पातालकोट की रसोई, वनभोज की रसोई एवं अम्बेडकर स्व-सहायता समूह द्वारा मक्के की रोटी, टमाटर की चटनी, बैंगन भर्ता, कुटकी चावल, मिलेट डोसा/चीला, रागी सूप, मक्के की भेल, कुटकी खीर, महुआ पूड़ी, महेरी, लड्डू, लिट्टी-चोखा सहित पारंपरिक व्यंजन प्रस्तुत किए गए, जिन्हें शहरवासियों ने खूब सराहा। जिले में उत्पादित चिरौंजी बर्फी, स्ट्रॉबेरी, शहद, कच्ची घानी तेल, गुड़ पाउडर एवं क्यूब, कोदो-कुटकी चावल आदि के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। मेले  में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मिलेट्स के उन्नत उत्पादन, नवीनतम किस्मों एवं आधुनिक यंत्रों की जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र चंदनगांव के वैज्ञानिकों द्वारा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कोदो, कुटकी एवं रागी की 14 नवीनतम किस्मों की जानकारी प्रदान की गई।

प्रमाण-पत्र वितरण  कार्यक्रम – गत दिनों  रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेले का समापन हुआ। विभिन्न विकास खंडों से कृषि एवं उद्यानिकी के कृषक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा मृदा स्वास्थ्य, पराली प्रबंधन, प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, मल्चिंग तकनीक एवं उद्यानिकी फसलों के उत्पादन पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्राकृतिक खेती करने वाले प्रगतिशील कृषकों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में जैविक एवं प्राकृतिक खेती से जुड़े स्टॉल प्रभारियों को सम्मानित किया गया तथा सभी सहभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

अन्य प्रमुख गतिविधियां–  तकनीकी मिलेट गैलरी के माध्यम से युवाओं एवं नागरिकों को मिलेट्स के पोषण महत्व से अवगत कराया गया। उद्यानिकी प्रशिक्षण, फ्लावर शो एवं टेरेस गार्डनिंग प्रदर्शनी आयोजित की गई। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादों का स्टॉल लगाया गया। 20 से अधिक बीज कंपनियों द्वारा उन्नत बीज एवं कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी की गई। डिंडोरी जिले के लेहरी बाई समूह द्वारा मिलेट्स सीड बैंक का प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहा। कार्यक्रम में लगभग 1800 कृषकों सहित बड़ी संख्या में नगरवासी, जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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