राज्य कृषि समाचार (State News)

सहकारी बैंक का ऋण संबंधित ऋणी के खसरे में दर्ज हों

03 मार्च 2025, राजगढ़: सहकारी बैंक का ऋण संबंधित ऋणी के खसरे में दर्ज हों – कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने सहकारी बैंक द्वारा किसानों को दिए गए ऋण अनिवार्य रूप से उनकी जमीन के खसरों में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसा करने से ऋणी व्यक्ति अपनी जमीन को बगैर ऋण चुकाये बेच नहीं सकेगा। साथ ही ऋण वसूली में भी सुगमता होगी।

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अमले की बैठक में उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक द्वारा ऋणों की खसरा एवं कृषक वार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऋणी किसानों की जानकारी उनकी जमीनों के खसरों में दर्ज कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि सहकारी बैंक द्वारा दिए गए ऋण की जानकारी के आंकड़ों का पूरा जिले का डेटा आसानी से उपलब्ध हो। जो जमीन दृष्टि बंधक है उनकी जानकारी भू-अभिलेख पोर्टल पर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन जमीनों पर ऋण दर्ज है उनका रजिस्ट्री के माध्यम से अन्य व्यक्ति को  नामांतरणनहीं किया जाए।

बैठक में कलेक्टर ने समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के ऋणी किसान ऋण चुकाने से बचने के लिए पडोसी राज्य की कृषि उपज मंडियों अथवा व्यापारियों को गेहूं नहीं बेचें। इसके लिए  पड़ोसी  राज्य के जिलों की मंडियों एवं अधिकारियों से सपर्क कर समन्वय बनाया जाये। इसके अलावा शामिलात खाते के नाम पर अऋणी खातेदार का पंजीयन करा कर ऋणी किसान उसके नाम पर गेहूं नहीं बेच सके यह भी सुनिश्चित जाए। उन्होंने कहा गेहूं उपार्जन के पंजीयन पोर्टल पर किसान के ऋण की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए।

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