Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

रायपुर : ग्रीष्मकालीन धान की जगह अब गेहूं, चना, उड़द और मक्का की ओर किसानों का रुख

24 नवंबर 2025, रायपुर: रायपुर : ग्रीष्मकालीन धान की जगह अब गेहूं, चना, उड़द और मक्का की ओर किसानों का रुख – छत्तीसगढ़ के जीपीएम जिले में कृषि विभाग रबी मौसम की खेती को बढ़ावा देते हुए किसानों को ग्रीष्मकालीन धान की जगह अन्य लाभदायक फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। विभाग द्वारा किसानों की बैठकों के माध्यम से उन्हें जागरूक किया जा रहा है और उनकी सहमति के अनुसार अनुदान पर बीज वितरण भी किया जा रहा है।

उप संचालक कृषि, सत्यजीत कंवर ने बताया कि ग्रीष्मकालीन धान के लिए अत्याधिक पानी की आवश्यकता होती है, जिससे भू-जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से बचने तथा किसानों की आमदनी सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विभाग द्वारा वैकल्पिक फसलों जैसे गेहूं, चना, उड़द और मक्का की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

पांच ग्रामों में किसानों ने जताई सहमति

कंवर ने बताया कि गुरुवार को ग्राम बारीउमराव, टंगियामार, कुदरी, कड़कई और गांजन में किसानों के साथ बैठकें आयोजित की गईं। इन गांवों के किसानों ने कुल 116 हेक्टेयर रकबे में ग्रीष्मकालीन धान की जगह अन्य फसलें बोने पर सहमति व्यक्त की है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

जिले के सभी गांवों में चलेगा अभियान

कृषि विभाग द्वारा यह अभियान जिले के सभी गांवों में संचालित किया जा रहा है। ग्राम अमरपुर, पतगंवा और लटकोनी में किसानों का चयन कर लिया गया है और जल्द ही उनकी मांग के अनुसार बीज वितरण प्रारंभ किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य अधिक उत्पादन, कम लागत और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को एकसाथ बढ़ावा देना है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

किसानों को मिला नई सोच का संदेश

कृषि विभाग की यह पहल न केवल पानी के संरक्षण में मददगार बनेगी बल्कि किसानों को स्थायी कृषि पद्धति अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगी। अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता ही स्थायी खेती की दिशा में सबसे पहला कदम है, और जिले के किसान इस दिशा में उत्साहपूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। 

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture