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राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि विज्ञान केंद्र पोकरण ने किया संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 के लिए जन जागरण का किया आयोजन

25 अप्रैल 2026, भोपाल: कृषि विज्ञान केंद्र पोकरण ने किया संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम – कृषि विज्ञान केंद्र पोकरण द्वारा किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने हेतु एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का सनावडा गॉव में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग, फसल की आवश्यकता अनुसार समेकित पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को तेजी से अपनाने हेतु प्रोत्साहन देना, जैविक स्रोतों एवं जैव उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना। हरित खाद/जैव द्रव्य पुनर्चक्रण के रणनीतिक समावेशन द्वारा कृषि प्रणालियों की दीर्घकालीन स्थिरता सुनिश्चित करना रहा। 

कार्यक्रम में केन्द्र अध्यक्ष डॉ दशरथ प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए, जिससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि भूमि की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहती है। नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं पोटाश के साथ-साथ सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने असंतुलित उर्वरक उपयोग से होने वाले नुकसान जैसे उत्पादन में कमी, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट एवं पर्यावरण प्रदूषण के बारे में भी जानकारी दी। जयपुर में आयोजित हो रहे ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) 2026 का आयोजन 23 से 25 मई 2026 तक  जयपुर में भाग लेने का आग्रह भी किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, नवाचार एवं निवेश अवसरों से जोड़ना है। आयोजन में कृषि प्रदर्शनी, किसान गोष्ठी एवं विशेषज्ञ परामर्श की व्यवस्था रहेगी। 

डॉ कृष्ण गोपाल व्यास ने कार्यक्रम के दौरान किसानों को मिट्टी का नमूना लेने की विधि, उर्वरकों की सही मात्रा एवं उनके प्रयोग की तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही किसानों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें उन्नत कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी प्रदान की गई।

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पशुपालन वैज्ञानिक डॉ राम निवास ढाका ने कहा की युवाओ के लिए भारत सरकार की भेड व बकरी पालन की फ्लैगशिप योजनाओ का केवीके पर प्रशिक्षण लेकर व्यवसाय शुरू करना चाहिये, खेजरी की नर्सरी लगा कर आय का स्रोत साबित हो सकता है तथा बकरीयो का गर्मियो में देखभाल, इनमे होने वाली बीमारियों एवं इनके आहार प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। अंत में कार्यक्रम में डॉ दशरथ ने सभी अतिथियों एवं किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम किसानों की आय बढ़ाने एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगे।

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