एनआईबीएसएम रायपुर में 21 दिवसीय शीतकालीन प्रशिक्षण का शुभारम्भ
30 जनवरी 2026, रायपुर: एनआईबीएसएम रायपुर में 21 दिवसीय शीतकालीन प्रशिक्षण का शुभारम्भ – भाकृअप द्वारा प्रायोजित ‘ फसलों में राष्ट्रीय महत्व के कीट एवं रोगजनकों के प्रबंधन हेतु उभरती जैव प्रौद्योगिकी एवं बायोरेशनल हस्तक्षेप ‘ विषय पर आधारित 21 दिवसीय शीतकालीन प्रशिक्षण का गत दिनों राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान ( एनआईबीएसएम ) रायपुर में किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में आईसीएआर- एनआईबीएसएम रायपुर के सभी संयुक्त निदेशक , वैज्ञानिक , संकाय सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि डॉ सच्चिदानंद शुक्ला,कुलपति , पं रविशंकर शुक्ल वि वि , रायपुर ने उद्घाटन सत्र में शीतकालीन विद्यालय जैसे उन्मुखीकरण एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बदलती कृषि पारिस्थितिकी परिस्थितियों में फसलों के पादप संरक्षण हेतु उभरती जैव प्रौद्योगिकीय एवं बायोरेशनल तकनीकों की बढ़ती उपयोगिता पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ पी के राय ,निदेशक आईसीएआर -एनआईबीएसएम , रायपुर ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में एकीकृत कीट प्रबंधन की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने तथा जैव नियंत्रण आधारित उपायों को अपनाने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने फसलों में जैविक तनावों के प्रभावी प्रबंधन को टिकाऊ कृषि के लिए अनिवार्य बताया।
डॉ अनिल दीक्षित , संयुक्त निदेशक एनआईबीएसएम ,रायपुर एवं कोर्स डायरेक्टर ने शीतकालीन विद्यालय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम युवा वैज्ञानिकों की वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमताओं को अद्यतन एवं सुदृढ़ करने हेतु एक महत्वपूर्ण क्षमता संवर्धन पहल है। , जिसमें विशेषज्ञ व्याख्यान ,संवादात्मक सत्र , व्यावहारिक प्रदर्शन तथा क्षेत्र भ्रमण का संतुलित समावेश किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ श्रीधर जे एवं डॉ एस के शर्मा हैं। इस 21 दिवसीय प्रशिक्षण में 11 राज्यों के विभिन्न आईसीएआर संस्थानों एवं राज्य कृषि विवि के कुल 25 प्रतियोगी सी शीतकालीन विद्यालय में भाग ले रहे हैं। यह कार्यक्रम एनआईबीएसएम ,रायपुर में 27 जनवरी से 16 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा।
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