गन्ना किसानों के हाथ में अब डिजिटल पहचान, ‘गन्ना साथी’ बताएगा योजना से आवेदन तक का हाल
03 अक्टूबर 2026, पटना: गन्ना किसानों के हाथ में अब डिजिटल पहचान, ‘गन्ना साथी’ बताएगा योजना से आवेदन तक का हाल – बिहार में गन्ना किसानों को सरकारी योजनाओं और विभागीय सेवाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत की गई है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बुधवार को ‘गन्ना साथी’ एआई चैटबॉट और ‘गन्ना किसान पहचान पत्र’ लॉन्च किया। विभाग के अनुसार यह पहल किसानों को योजनाओं, आवेदन और विभागीय सेवाओं से जुड़ी जानकारी एक ही माध्यम से उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
‘गन्ना किसान पहचान पत्र’ प्रत्येक किसान के लिए डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगा। पहचान पत्र पर दिए गए क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर किसान विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों और अपने आवेदनों की स्थिति से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों को अलग-अलग कार्यालयों या पोर्टल पर जानकारी तलाशने की जरूरत कम होगी।
एनआईसी बिहार ने तैयार किया चैटबॉट
नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी), बिहार द्वारा विकसित ‘गन्ना साथी’ को बातचीत आधारित सुविधा के रूप में तैयार किया गया है। किसान इसमें अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनकर या आवश्यक जानकारी दर्ज कर संबंधित सेवा तक पहुंच सकेंगे। चैटबॉट उन्हें चरणबद्ध तरीके से प्रक्रिया समझाएगा, जिससे विभागीय पोर्टल पर अलग-अलग मेन्यू तलाशने की परेशानी कम हो सके।
किसान इसके माध्यम से योजनाओं के लिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा आवेदन, परमिट और दावों की स्थिति भी देखी जा सकेगी। विभाग के अनुसार किसान की गन्ना आईडी या आवेदन नंबर जैसी जानकारी बातचीत के दौरान याद रखी जा सकती है, जिससे बार-बार वही विवरण दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।हिंदी-अंग्रेजी के साथ सुनने की सुविधा
डिजिटल सेवा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। इसमें जवाबों को आवाज के माध्यम से सुनने की सुविधा भी दी गई है। विभाग का कहना है कि इससे डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने में किसानों के सामने आने वाली भाषा संबंधी बाधाएं कम होंगी। बातचीत समाप्त होने के बाद उससे संबंधित जानकारी हटा दिए जाने की बात भी विभाग ने कही है।
इस अवसर पर विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में उपलब्ध सीमित प्रमुख भूमि में निवेश के इच्छुक लोगों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक निवेशक एसआईपीपी पोर्टल के माध्यम से अपनी रुचि दर्ज करा सकते हैं। कार्यक्रम में गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा सहित विभाग और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
डिजिटल पहचान और एआई आधारित संवाद व्यवस्था के माध्यम से बिहार में गन्ना किसानों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने की कोशिश की गई है। इसकी वास्तविक उपयोगिता इस बात से तय होगी कि किसान रोजमर्रा के काम में इन सुविधाओं का कितना सहजता से उपयोग कर पाते हैं।
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