Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

Success Story: किसान ने 40 चूजों से शुरू किया कड़कनाथ पालन, अब सालाना हो रही 1.20 लाख की कमाई

25 मई 2026, भोपाल: Success Story: किसान ने 40 चूजों से शुरू किया कड़कनाथ पालन, अब सालाना हो रही 1.20 लाख की कमाई – ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित पशुपालन विभाग की कड़कनाथ चूजा प्रदाय योजना युवाओं और किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का बड़ा माध्यम बन रही है। झाबुआ जिले के रामा निवासी किसान श्री मनीष भूरिया ने इस योजना का लाभ लेकर कड़कनाथ पालन को सफल व्यवसाय में बदल दिया है। आज वे इसी व्यवसाय से सालाना करीब 1 लाख 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।

श्री मनीष भूरिया बताते हैं कि पहले वे सीमित आय के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पशुपालन विभाग की अनुदान आधारित कड़कनाथ चूजा प्रदाय योजना की जानकारी मिली। वर्ष 2024-25 में उन्हें योजना के तहत 28 दिवसीय 40 कड़कनाथ चूजे उपलब्ध कराए गए। विभाग द्वारा चूजों के साथ पोल्ट्री आहार और आवश्यक दवाइयां भी दी गईं।

घर के पास छोटे शेड से की शुरुआत

मनीष ने अपने घर के पास एक छोटा शेड तैयार कर व्यवस्थित तरीके से कड़कनाथ पालन शुरू किया। नियमित देखभाल, संतुलित आहार और विभागीय मार्गदर्शन के कारण चूजों का विकास तेजी से हुआ। करीब पांच महीने बाद जब कड़कनाथ मुर्गे तैयार हुए तो उन्होंने 12 मुर्गों को 1200 रुपये प्रति नग की दर से बेचा, जिससे उन्हें 14 हजार 400 रुपये की आय प्राप्त हुई।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

इसके अलावा उन्होंने 15 मुर्गियों को अंडा उत्पादन के लिए रखा। बाजार में कड़कनाथ अंडों की अच्छी मांग होने के कारण उन्होंने 20 रुपये प्रति अंडा की दर से बिक्री शुरू की, जिससे उन्हें नियमित आय मिलने लगी।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

बढ़ती मांग को देखते हुए बढ़ाया व्यवसाय

शुरुआती सफलता से उत्साहित होकर मनीष भूरिया ने अपने व्यवसाय का विस्तार करने का फैसला किया। उन्होंने शासकीय कड़कनाथ कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र झाबुआ से 200 अतिरिक्त कड़कनाथ चूजे खरीदे और बड़े स्तर पर पालन शुरू किया।

लगातार मेहनत और सही प्रबंधन का परिणाम यह रहा कि लगभग पांच महीने बाद उन्होंने 60 कड़कनाथ मुर्गों को 1000 रुपये प्रति नग की दर से बेचकर 60 हजार रुपये की आय अर्जित की। वहीं करीब 600 अंडों की बिक्री से उन्हें 12 हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई हुई।

हैचरी मशीन से बढ़ी आत्मनिर्भरता

अपने व्यवसाय को और मजबूत बनाने के लिए मनीष ने 200 अंडा क्षमता वाली हैचरी मशीन भी खरीदी। अब वे खुद अंडों से चूजे तैयार कर रहे हैं, जिससे बाहर से चूजे खरीदने की जरूरत कम हो गई है। इससे उत्पादन लागत घटी है और व्यवसाय की क्षमता भी बढ़ी है।

मनीष भूरिया का कहना है कि यदि सही मार्गदर्शन, मेहनत और सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ लिया जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी कम लागत में अच्छा व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है।

दूसरे युवाओं के लिए बने प्रेरणा

वर्तमान में मनीष भूरिया कड़कनाथ पालन व्यवसाय से प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। वे गांव के अन्य युवाओं को भी पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

उनकी सफलता यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और मेहनत ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लि