राज्य कृषि समाचार (State News)किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story)

श्रीअन्न का जादू: 30 महिलाओं ने सीखा बेकरी का हुनर, शुरू करेंगी अपना बिजनेस

01 अप्रैल 2025, उदयपुर: श्रीअन्न का जादू: 30 महिलाओं ने सीखा बेकरी का हुनर, शुरू करेंगी अपना बिजनेस – ग्रामीण महिलाओं ने श्रीअन्न (मोटे अनाज) से बने डोनट्स, कुकीज, ब्रेड और केक बनाकर न सिर्फ खुशी हासिल की, बल्कि एक नया बिजनेस शुरू करने का सपना भी संजोया। बांसवाड़ा, राजसमंद और उदयपुर की 30 अनुसूचित जाति की महिलाओं ने मिलकर यह कमाल दिखाया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद की ओर से महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर में आयोजित पांच दिन का प्रशिक्षण शनिवार को खत्म हुआ। इस दौरान महिलाओं ने श्रीअन्न के बेकरी प्रोडक्ट्स बनाना सीखा और समूह बनाकर कमाई करने का संकल्प लिया।

25 से 29 मार्च तक चले इस स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम में विशेषज्ञों ने महिलाओं को रागी केक, ज्वार डोनट्स, ओट्स कुकीज, ज्वार ब्रेड, बाजरा लड्डू, ज्वार पापड़, कांगणी नमकीन, बाजरा लच्छा पराठा, ज्वार नान और सावां के फ्राइम्स जैसे दो दर्जन से ज्यादा स्वादिष्ट व्यंजन बनाना सिखाया। विशेषज्ञ वेलेन्टीना ने केक, कुकीज और ब्राउनी की ट्रेनिंग दी, विजयलक्ष्मी ने पापड़ और लड्डू बनाना सिखाया, तो हजारी लाल ने नान और नूडल्स की बारीकियां समझाईं।

एमपीयूएटी की प्रोफेसर हेमलता शर्मा ने बताया कि मोटे अनाज में ढेर सारे पोषक तत्व होते हैं, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं। उन्होंने महिलाओं से इसे रोजाना खाने में शामिल करने की सलाह दी। समापन समारोह में पूर्व निदेशक डॉ. आई.जे. माथुर ने कहा, “यहां जो सीखा, उसे अब बिजनेस में बदलें। समूह बनाएं, बेकरी और संस्थानों को प्रोडक्ट्स बेचें और मुनाफा कमाएं। पहले मोटे अनाज को गरीबों का खाना समझा जाता था, लेकिन आज बड़े-बड़े लोग इसके पीछे भाग रहे हैं।”

हैदराबाद से आए डॉ. गोपाल लाल ने कहा कि श्रीअन्न की डिमांड बढ़ रही है और यह प्रशिक्षण इसलिए है ताकि गांव की महिलाएं आत्मविश्वास के साथ स्टार्टअप शुरू कर सकें। निदेशक डॉ. आर.एल. सोनी ने सुझाव दिया कि महिलाएं पहले अपने गांव में इन व्यंजनों को बनाएं, पड़ोसियों को खिलाएं और फिर बड़े स्तर पर प्रोडक्शन शुरू करें। उन्होंने कहा, “हमारा देश खाद्यान्न, फल-सब्जी और दूध में आत्मनिर्भर है, लेकिन प्रोसेसिंग की कमी से काफी कुछ बर्बाद हो जाता है।”

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डॉ. म. बालाकृष्णन ने बताया कि बाजरा डायबिटीज कंट्रोल करने में मददगार है और राजस्थान इसका सबसे बड़ा उत्पादक है। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. लतिका व्यास ने कहा कि हर महिला को फ्री किट दी गई, जिसमें थ्री-जार मिक्सर, आलू चिप्स मेकर और मिलेट्स रेसिपी बुकलेट शामिल है।

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