सात एकड़ में फैला पीएनबी कृषक प्रशिक्षण केन्द्र बना नवाचारों का केंद्र, किसानों को आधुनिक तकनीकों से कर रहा सशक्त
15 फरवरी 2026, भोपाल: सात एकड़ में फैला पीएनबी कृषक प्रशिक्षण केन्द्र बना नवाचारों का केंद्र, किसानों को आधुनिक तकनीकों से कर रहा सशक्त – पंजाब नेशनल बैंक कृषक प्रशिक्षण केन्द्र, विदिशा अपने सात एकड़ विस्तृत परिसर में संचालित बहुआयामी गतिविधियों के माध्यम से किसानों के लिए नवाचार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। यह केन्द्र कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों के प्रयोग, वैकल्पिक आय स्रोतों के विकास और व्यवहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की ओर अग्रसर कर रहा है।
प्रशिक्षण केन्द्र के निदेशक अजय परिहार ने बताया कि यह प्रशिक्षण केन्द्र कृषकों को परंपरागत खेती के साथ-साथ आय बढ़ाने वाले सहायक व्यवसायों से भी जोड़ रहा है। परिसर में प्रदर्शन आधारित प्रशिक्षण मॉडल अपनाया गया है, जहां किसान स्वयं देखकर और अभ्यास कर तकनीक सीखते हैं। यहां पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती, प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
केन्द्र में विकसित विभिन्न डेमो यूनिट्स किसानों को यह समझाने में सहायक हैं कि सीमित संसाधनों में भी कैसे बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है। मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण, जैविक खाद निर्माण तथा कीट एवं रोग नियंत्रण की प्राकृतिक विधियों पर विशेष जोर दिया जाता है। इससे कृषकों की लागत घटाने और उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
पीएनबी प्रशिक्षण केन्द्र केवल कृषि तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए भी कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराता है। कम्प्यूटर शिक्षा, सिलाई, ब्यूटी पार्लर, कुकिंग, हस्तकला जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
केन्द्र द्वारा आयोजित कृषक भ्रमण, किसान मेले, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, पशु चिकित्सा शिविर एवं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम ग्रामीण विकास की समग्र सोच को दर्शाते हैं। यहां प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी लाभान्वित हो रहे हैं।
विशेष बात यह है कि सात एकड़ के इस परिसर को एक लाइव लर्निंग लैब के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ खेत, पशु इकाई, खाद निर्माण, पौध उत्पादन और प्रसंस्करण गतिविधियां एक ही स्थान पर देखने को मिलती हैं। यह मॉडल किसानों को “सीखो और अपनाओ” की अवधारणा से जोड़ता है।
इस प्रकार पीएनबी कृषक प्रशिक्षण केन्द्र विदिशा जिले ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए नवाचार, ज्ञान और आत्मनिर्भरता का प्रेरक केन्द्र सिद्ध हो रहा है।
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