राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़ में अब तक 16.41 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बोनी

किसानों को 336 करोड़ रुपये का कृषि ऋण जारी

17 जनवरी 2025, रायपुर: छत्तीसगढ़ में अब तक 16.41 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बोनी – छत्तीसगढ़ में इस वर्ष अब तक 16.41 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बोनी पूरी हो चुकी है, जो कुल निर्धारित लक्ष्य का 85 प्रतिशत है। प्रमुख फसलों में चना, गेहूं, मटर, अलसी, सरसों, मक्का और रागी शामिल हैं। कृषि विभाग के अनुसार, इस बार भी खरीफ सीजन की तरह किसानों को रबी फसल के लिए अल्पकालीन कृषि ऋण की सुविधा दी गई है। अब तक 336 करोड़ रुपये की ऋण राशि किसानों को दी जा चुकी है।

बीज और उर्वरक वितरण की स्थिति

राज्य में रबी फसल के लिए 2.89 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 1.63 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया जा चुका है और 1.46 लाख क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए गए हैं, जो कुल भंडारण का 90 प्रतिशत है।

Advertisement
Advertisement

इसी तरह, रबी फसल के लिए 4.65 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य तय किया गया था। अब तक 5.58 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है, जिसमें से 2.20 लाख मीट्रिक टन किसानों तक पहुंचा दिया गया है। यह कुल भंडारण का 39 प्रतिशत है।

रबी फसल के लिए तैयार किसान

किसानों के लिए ऋण, बीज और उर्वरकों की उपलब्धता पर कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इससे फसलों की बुआई सुचारु रूप से हो सकेगी। हालांकि, किसानों को मौसम और बाजार की स्थिति को देखते हुए अपनी रणनीति बनानी होगी।

Advertisement8
Advertisement

विशेषज्ञों का मानना है कि चना और गेहूं जैसी प्रमुख रबी फसलों की खेती में बढ़ोतरी होने की संभावना है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता और बाजार के उतार-चढ़ाव किसानों के लिए चुनौती बन सकते हैं।

Advertisement8
Advertisement

छत्तीसगढ़ में रबी सीजन के तहत खेती की प्रगति से साफ है कि किसान अपनी फसलों के लिए तैयार हैं। अब देखना होगा कि आगामी महीनों में मौसम और कृषि बाजार की स्थिति किस तरह उनके उत्पादन और मुनाफे को प्रभावित करती है।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement8
Advertisement

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement5
Advertisement