राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी: खजुराहो में 45.4°C पहुंचा पारा, इंदौर-रतलाम समेत कई जिलों में लू का अलर्ट

14 मई 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी: खजुराहो में 45.4°C पहुंचा पारा, इंदौर-रतलाम समेत कई जिलों में लू का अलर्ट – भारतीय मौसम केंद्र भोपाल ने 14 मई 2026 के लिए मध्यप्रदेश का ताजा मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के जबलपुर और शहडोल संभाग के कई जिलों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई, जबकि बाकी अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहा। दूसरी ओर धार, रतलाम और खजुराहो (छतरपुर) में लू का असर देखने को मिला, जबकि इंदौर और उज्जैन में गर्म रात दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई है।

प्रदेश में कहां कैसा रहा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, जबलपुर, पांढुर्णा, खरगोन, मुरैना, सतना और रीवा जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और आंधी की गतिविधियां दर्ज की गईं। सिवनी जिले में ओलावृष्टि भी हुई, जबकि सतना में धूलभरी आंधी चली।

प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं। चित्रकूट में 52 किमी प्रति घंटा, सीधी में 50 किमी प्रति घंटा और जबलपुर एयरपोर्ट व रीवा एयरपोर्ट पर 46 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं दर्ज की गईं।

वर्षा के प्रमुख आंकड़े

पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश बालाघाट जिले के खैरलांजी में 11.2 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा सिवनी में 6.6 मिमी, बैहर में 5.2 मिमी, बरघाट में 3.2 मिमी, कटंगी में 2.2 मिमी, छपारा में 2.0 मिमी और अमरकंटक में 1.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

तापमान का हाल

प्रदेश में सबसे अधिक गर्मी खजुराहो (छतरपुर) में दर्ज की गई, जहां अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके अलावा रतलाम में 45.2 डिग्री, धार में 45 डिग्री, बैरसिया (भोपाल) में 44.9 डिग्री और विदिशा में 44.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर सबसे कम अधिकतम तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके बाद सिवनी में 39.2 डिग्री, करौंदी (कटनी) में 39.9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 40.4 डिग्री और कन्नौद (देवास) में 40.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

न्यूनतम तापमान की बात करें तो सबसे कम तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। अमरकंटक (अनूपपुर) में 20.7 डिग्री, करौंदी (कटनी) में 23.2 डिग्री, खंडवा में 24 डिग्री और खरगोन में 24.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान कन्नौद (देवास) में 31.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा तालुन (बड़वानी) में 30.6 डिग्री, बैरसिया (भोपाल) में 30.3 डिग्री, इंदौर में 30 डिग्री और जबलपुर में 29.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

सिनोप्टिक मौसम परिस्थितियां

IMD के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश से बिहार होते हुए उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तक फैला हुआ है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 15 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है।

लू और आंधी को लेकर चेतावनी

IMD ने धार, इंदौर और उज्जैन जिलों में लू और गर्म रात की चेतावनी जारी की है। वहीं रतलाम, देवास और गुना में भी लू चलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, शाजापुर, आगर, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सतना, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी तेज गर्मी और लू का असर बना रह सकता है।

बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए हल्की और बार-बार सिंचाई करें। सिंचाई सुबह या शाम के समय करना बेहतर रहेगा ताकि पानी की बर्बादी कम हो। खेतों में मल्चिंग का उपयोग करने और तेज गर्मी के समय उर्वरक व कीटनाशकों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है।

किसानों को फसलों में चूसक कीटों की नियमित निगरानी करने और दोपहर की तेज धूप में दवा का छिड़काव न करने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी पशुओं को छायादार और हवादार स्थान पर रखने, दिन में कई बार साफ पानी उपलब्ध कराने और दोपहर 12 से 4 बजे के बीच चराई से बचाने की सलाह दी गई है। 

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