सिवनी: क्रॉप कैफेटेरिया के माध्यम से किसानों को नवीनतम किस्मों की जानकारी दी
22 अगस्त 2026, सिवनी: सिवनी: क्रॉप कैफेटेरिया के माध्यम से किसानों को नवीनतम किस्मों की जानकारी दी – किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी द्वारा किसानों को जलवायु अनुकूल खेती, फसल विविधीकरण एवं नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से क्रॉप कैफेटेरिया एवं फसल संग्रहालय के माध्यम से विभिन्न फसलों की नवीनतम किस्मों का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. शेखर सिंह बघेल के मार्गदर्शन में स्थापित इन प्रदर्शन प्लॉटों के माध्यम से किसानों को फसलों की विशेषताओं, उत्पादन क्षमता तथा वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की प्रत्यक्ष जानकारी दी जा रही है।
डॉ. शेखर सिंह बघेल ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत किसानों को गुणवत्ता युक्त कृषि उत्पादन के लिए आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी सतत रूप से उपलब्ध कराई जा रही है। बदलते मौसम एवं जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किसानों को ऐसी फसलों एवं किस्मों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल होने के साथ-साथ बेहतर उत्पादन एवं आय का माध्यम बन सकें।
कृषि विज्ञान केंद्र में वर्तमान खरीफ मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रमुख फसलों की विभिन्न नवीनतम किस्मों का प्रदर्शन किया गया है। क्रॉप कैफेटेरिया में सोयाबीन की लगभग पांच किस्मों के साथ धान की 35 से अधिक किस्मों का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अलावा अरहर तथा श्रीअन्न के अंतर्गत कोदो, कुटकी, रागी एवं ज्वार जैसी फसलों के प्रदर्शन प्लॉट भी लगाए गए हैं। किसानों को इन फसलों की विशेषताओं, खेती की वैज्ञानिक विधि एवं संभावित उपयोगिता के संबंध में जानकारी प्रदान की जा रही है।
इसी क्रम में कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में पोषण वाटिका भी विकसित की गई है, जिसमें विभिन्न सब्जी वर्गीय फसलों के प्रदर्शन प्लांट लगाए गए हैं। इसके माध्यम से किसानों को घर एवं खेत स्तर पर पोषण वाटिका विकसित करने, विविध प्रकार की सब्जियों का उत्पादन करने तथा संतुलित आहार के लिए स्थानीय स्तर पर पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की जानकारी दी जा रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. निखिल सिंह द्वारा किसानों को सोयाबीन की विभिन्न नवीनतम किस्मों के संबंध में लगातार जानकारी प्रदान की जा रही है। प्रदर्शन में एनआरसी करुण, एनआरसी 157, जेएस 22-16, जेएस 20-98, जेएस 2172 एवं जेएस 20-116 सहित अन्य किस्मों को शामिल किया गया है। किसानों को इन किस्मों की विशेषताओं, फसल प्रबंधन, उत्पादन क्षमता तथा स्थानीय कृषि परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त किस्म के चयन के संबंध में वैज्ञानिक सलाह दी जा रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र के क्रॉप कैफेटेरिया एवं फसल संग्रहालय का उद्देश्य किसानों को केवल पुस्तकीय अथवा मौखिक जानकारी तक सीमित न रखते हुए उन्हें खेत में फसलों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराना है। किसान स्वयं विभिन्न किस्मों की वृद्धि, पौधों की संरचना, फसल की स्थिति एवं अन्य विशेषताओं को देखकर उनके बीच अंतर समझ सकते हैं। इससे किसानों को आगामी खरीफ एवं अन्य मौसमों में अपनी कृषि परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त फसल एवं किस्म का चयन करने में सहायता मिलेगी।
इसी क्रम में प्रगतिशील किसान एवं भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री प्रदीप राय तथा युवा किसान, विकासखंड लखनादौन द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी में स्थापित फसल संग्रहालय एवं विभिन्न प्रदर्शन प्लॉटों का अवलोकन किया गया। उन्होंने वैज्ञानिकों से विभिन्न फसलों एवं नवीनतम किस्मों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा भविष्य में वैज्ञानिक एवं जलवायु अनुकूल खेती के लिए उपयोगी तकनीकी सलाह ली।
कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे कृषि वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों से सतत संपर्क में रहकर नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें तथा अपनी कृषि परिस्थितियों के अनुरूप फसल विविधीकरण एवं उन्नत किस्मों को अपनाकर उत्पादन एवं आय में वृद्धि की दिशा में आगे बढ़ें।
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