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राज्य कृषि समाचार (State News)

ग्रीष्मकालीन फसल मूंग और उड़द के पंजीयन 25  मई से 15 जून तक होंगे

खाद्य विभाग द्वारा परिपत्र जारी

28 मई 2026, इंदौर: ग्रीष्मकालीन फसल मूंग और उड़द के पंजीयन 25  मई से 15 जून तक होंगे – किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग , मंत्रालय , मप्र , भोपाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत वर्ष 2025 -26 ( विपणन वर्ष 2026 -27 )     ग्रीष्मकालीन फसल मूंग और उड़द को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए प्रदेश में  25 मई से 15 जून  2026  तक पंजीयन किया जाएगा। इस हेतु खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा  विस्तृत परिपत्र जारी किया गया है। जिसमें किसानों को फसल बेचने के लिए स्लॉट चयन की प्रक्रिया रहेगी।  मूंग एवं उड़द के उपार्जन  हेतु कृषकों से पंजीयन के समय ही आधार नंबर से लिंक  बैंक खाता नंबर लिया जाएगा।  शेष प्रक्रिया  यथावत रहेगी।

मंत्री परिषद् के आदेश के निर्णय अनुरूप उड़द का सरकारी उपार्जन अंतर्गत उड़द विक्रय करने वाले पात्र कृषकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 600  रु / क्विंटल के मान से बोनस प्रदान किया जाएगा। भारत सरकार  द्वारा प्रदत्त लक्ष्य सीमा अनुसार मूंग का उपार्जन करने वाले कृषकों से उत्पादन का केवल 25  % तक ही उपार्जन किया जाएगा।

जारी किए गए निर्देशों के अनुसार  इस वर्ष खरीदी केंद्रों द्वारा उपज खरीदने से पहले कृषक की वास्तविक पहचान के लिए आधार  सक्षम पीओएस मशीन या मोबाइल ऐप के माध्यम से चेहरे का प्रमाणीकरण कर सत्यापन किया जाएगा। विगत वर्षों की भांति ओटीपी मान्य नहीं होगा। यदि कृषक खरीदी केंद्र पर स्वयं उपस्थित न हो पाए तो अपनी फसल के विक्रय हेतु पंजीयन के समय तीन अधिकृत व्यक्तियों के नाम  और आधार नंबर दे सकेगा। जिनके द्वारा पंजीकृत किसान की फसल खरीदी केंद्र पर लाई जाकर बेची जा सकेगी। अधिकृत किए गए व्यक्ति का प्रमाणीकरण भी अनिवार्य होगा। भुगतान पंजीकृत कृषक के बैंक खाते में ही किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति अधिकतम तीन कृषकों के अधिकृत व्यक्ति के रूप में काम कर सकता है। कृषक से वर्ष 2025 -26  की ग्रीष्मकालीन मूंग पैदावार में से मंडी एवं अन्य स्थान पर विक्रय की गई मूंग की जानकारी भरने की व्यवस्था का कृषक द्वारा पंजीयन के समय प्रदान की जा रही जानकारी से सत्यापन करने का प्रावधान  रहे  एवं जानकारी सही है भी अंकित किया जाए।

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मप्र के 36  जिलों  नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, रायसेन , हरदा ,सीहोर , जबलपुर , देवास , सागर , गुना , खंडवा , खरगोन, कटनी , दमोह, विदिशा ,बड़वानी, मुरैना , बैतूल, श्योपुरकलां , भिंड, भोपाल ,सिवनी , छिंदवाड़ा , बुरहानपुर, छतरपुर , उमरिया , धार ,राजगढ़ , मंडला , शिवपुरी ,अशोकनगर , इंदौर ,बालाघाट , सतना ,पांढुर्ना , मैहर एवं पन्ना में मूंग की खरीदी की जाएगी। जबकि  मप्र के 28  जिलों जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर , दमोह, छिंदवाड़ा , पन्ना ,मंडला , उमरिया , सिवनी ,बालाघाट , बैतूल , सिंगरौली ,मैहर , भोपाल , सीहोर ,विदिशा , राजगढ़ , सागर, डिंडोरी , छतरपुर , रीवा ,मऊगंज , सतना , शहडोल , खरगोन ,भिंड , शिवपुरी एवं गुना में उड़द की खरीदी की जाएगी।

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