मध्य प्रदेश में धान, ज्वार व बाजरा की समर्थन मूल्य खरीद के लिए पंजीयन शुरू, 10 अक्टूबर तक मौका
17 सितंबर 2026, भोपाल: मध्य प्रदेश में धान, ज्वार व बाजरा की समर्थन मूल्य खरीद के लिए पंजीयन शुरू, 10 अक्टूबर तक मौका – मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों की समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद के लिए किसान पंजीयन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू हो गई है। धान, ज्वार और बाजरा उगाने वाले किसान 10 अक्टूबर तक ई-उपार्जन पोर्टल के जरिए अपना पंजीयन करा सकते हैं।
राज्य सरकार ने इस बार पंजीयन के लिए पूरे प्रदेश में 1,100 से अधिक केंद्र बनाए हैं, ताकि किसानों को दूर न जाना पड़े। पिछले सीजन की तरह इस बार भी पंजीयन का बड़ा हिस्सा गांव और ब्लॉक स्तर पर ही पूरा किया जा सकेगा, जिससे किसानों का समय और आने-जाने का खर्च दोनों बचेंगे।
कहां और कैसे होगा मुफ्त पंजीयन
ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं में किसान बिना किसी शुल्क के पंजीयन करा सकते हैं। जिन किसानों को इन जगहों तक पहुंचने में असुविधा हो, वे एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या निजी साइबर कैफे से भी पंजीयन करवा सकते हैं, लेकिन वहां अधिकतम 50 रुपये शुल्क देना होगा।
पंजीयन के लिए किसानों को भूमि से जुड़े दस्तावेज, आधार कार्ड और फोटो पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है। आधार सत्यापन ओटीपी या बायोमेट्रिक के जरिए किया जाएगा, और यह भी जरूरी है कि भूमि रिकॉर्ड और आधार में दर्ज नाम आपस में पूरी तरह मेल खाता हो। किसान चाहें तो अपने मोबाइल फोन से भी घर बैठे ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की स्थिति जांच सकते हैं।
केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए सामान्य धान का समर्थन मूल्य पिछले साल के 2,369 रुपये से बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। मध्य प्रदेश देश के प्रमुख धान, ज्वार और बाजरा उत्पादक राज्यों में शामिल है, इसलिए यहां हर साल लाखों किसान समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए पंजीयन कराते हैं। पिछले सीजन में भी बड़ी संख्या में किसानों ने इसी तरह के केंद्रों के जरिए पंजीयन कराकर समर्थन मूल्य का लाभ उठाया था।
बैंक खाते से जुड़ी शर्तें, वरना अटकेगा भुगतान
कृषि विभाग ने साफ किया है कि समर्थन मूल्य पर बेची गई फसल का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में ही किया जाएगा। इसलिए बैंक खाता सक्रिय होना जरूरी है। निष्क्रिय खाते, संयुक्त खाते या फिनो, एयरटेल, पेटीएम जैसे भुगतान बैंकों के खाते इस योजना के लिए मान्य नहीं होंगे।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे पंजीयन कराने से पहले अपने बैंक खाते और आधार की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि उपज बेचने के बाद भुगतान में देरी न हो। पिछले सीजन में कई किसानों को खाता संबंधी गड़बड़ियों के कारण भुगतान में परेशानी हुई थी, इसलिए इस बार विभाग ने पंजीयन से पहले ही सत्यापन को सख्त कर दिया है।
पंजीयन पूरा होने के बाद किसानों को स्लॉट बुकिंग के जरिए ही खरीद केंद्र पर उपज लेकर जाने की तारीख और समय तय करना होगा, जैसा पिछले सीजन की गेहूं खरीद में भी होता रहा है। इससे खरीद केंद्रों पर एक साथ भीड़ नहीं लगती और तौल व भंडारण का काम व्यवस्थित तरीके से हो पाता है। कृषि विभाग ने यह भी सलाह दी है कि किसान उपज को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके ही खरीद केंद्र पर लाएं, क्योंकि नमी या मिलावट ज्यादा होने पर उपज खरीद केंद्र से लौटाई भी जा सकती है।
समय पर पंजीयन नहीं कराने वाले किसान समर्थन मूल्य पर उपज नहीं बेच पाएंगे और उन्हें मंडी में कम दाम पर उपज बेचनी पड़ सकती है। मध्य प्रदेश के धान-ज्वार-बाजरा उत्पादक क्षेत्रों में समय पर और सही पंजीयन से ही किसानों को समर्थन मूल्य का पूरा फायदा मिल पाएगा। इससे उर्वरक, बीज और भंडारण से जुड़े स्थानीय कारोबार पर भी सीधा असर पड़ता है, क्योंकि उपज की सही कीमत मिलने पर किसान अगली फसल के लिए बेहतर निवेश कर पाते हैं और कृषि-इनपुट बाजार में मांग बनी रहती है।
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