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होशंगाबाद ,हरदा में मूंग का रिकॉर्ड उत्पादन 

2700 करोड़ की आमदनी की सम्भावना 

 भोपाल: मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने बताया कि होशंगाबाद ज़िले में 182000 हेक्टर एवं हरदा ज़िले मे 78000 हेक्टर क्षेत्र मे मूँग फ़सल इस वर्ष बोयी गई है इस प्रकार होशंगाबाद एवं हरदा ज़िले को मिलाकर 260000 हेक्टर में मूँग लगी है । 

इस अंचल में इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग की बहुत अच्छी पैदावार हुई है होशंगाबाद एवं हरदा ज़िले में 15 क्विंटल प्रति हेक्टर की उत्पादकता के मान से लगभग 3.90 लाख मैट्रिक टन मूँग का उत्पादन सम्भावित हैं जो रूपये 7050 MSP के मान से लगभग 2700 करोड़ की कुल आय लगभग 60,000 किसानो को प्राप्त होगी ।60 दिन की फसल से किसानों को ये  आमदनी , ख़रीफ़ -रबी के बाद साल के अंत में बोनस के रूप में होगी ।होशंगाबाद ज़िले में  मूँग के 27000 हेक्टर रकबे मे एवं हरदा ज़िले के 23000 हेक्टर मे तवा नहर से सिंचाई हुई है।

कृषि मंत्री के प्रयासों से तवा डेम  से मिला पानी 

क्षेत्र के मूँग किसान  कृषि मंत्री कमल पटेल  के प्रयासों की सराहना करते हैं और बताते हैं कि स्वयं किसान होने के कारण  कमल पटेल खेती किसानी की कठिनाइयों को समझते हैं और उनके त्वरित निर्णयों से  तवा डेम से मूँग फ़सल के लिये पानी छोड़ें जाने से मूँग फ़सल का क्षेत्र बढ़ सका ।

प्रदेश मे कुल ग्रीष्मक़ालीन मूँग का क्षेत्र 4.5 लाख हेक्टर मे से 2.60 लाख हेक्टर( लगभग 55 प्रतिशत) होशंगाबाद एवं हरदा ज़िले में ही है। इसके अलावा नरसिंघपुर सिहोर रायसेन देवास खंडवा जबलपुर आदि ज़िलों में भी ग्रीष्मकालीन मूँग की खेती होती है ।

श्री जीतेंद्र सिंह संयुक्त संचालक ने बताया की  होशंगाबाद ज़िले में प्रदेश की कुल ग्रीष्मक़ालीन बोनी का लगभग 40 प्रतिशत बोनी हुई है जो प्रदेश की सर्वाधिक क्षेत्र है । ज़िले में लगभग 2.75 लाख मेट्रिक टन मूँग उत्पादन प्राप्त होने की सम्भावना है जिससे ज़िले के किसानो क़ो 60 दिन की फसल से लगभग 2000 करोड़ का टर्नओवर प्राप्त होने की संभावना है. इस अंचल में ग्रीष्मकालीन मूंग की प्रति हेक्टेयर औसत पैदावार 10 से 12 क्विंटल हुई है जो एक उपलब्धि है.

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