राज्य कृषि समाचार (State News)

राम राम किसान भाईयों, ये बिहार कृषि रेडियो है!

01 मार्च 2025, भोपाल: राम राम किसान भाईयों, ये बिहार कृषि रेडियो है! – बिहार राज्य के किसानों को अब रेडियो के माध्यम से भी सरकारी कृषि संबंधी योजनाओं के साथ ही आधुनिक तकनीक की भी जानकारी प्राप्त हो सकेगी। दरअसल रेडियो हर व्यक्ति आराम से खरीद सकता है इसलिए सहकारिता विभाग ने विशेषकर किसानों के लिए बिहार कृषि रेडियो की शुरुआत की है।

इस रेडियो सेवा का उद्देश्य किसानों को राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं से की जानकारी देने के, साथ ही उन्हें कृषि तकनीकों से मजबूत बनाना है।  ताकि वे अपनी कृषि उत्पादकता बढ़ा सकें और अपनी आय में सुधार कर सकें। इस रेडियो सेवा के तहत, हर बुधवार को किसी एक योजना पर पूरी जानकारी दी जाती है।  सहकारिता विभाग के संयुक्त निबंधक, निसार अहमद ने ‘मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना’ के बारे में  बताया कि ये योजना किसानों को अत्याधुनिक कृषि उपकरणों तक आसान पहुंच दिलाने के लिए बनाई गई है। इसके तहत राज्य के 2976 पैक्सों में कृषि संयंत्र बैंक स्थापित किए जा चुके हैं, जहां किसान बाजार मूल्य से कम किराए पर आधुनिक कृषि यंत्र किराए पर ले सकते हैं। किसान अब मोबाइल ऐप के माध्यम से संयंत्र बैंक से कृषि यंत्रों की बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से कर सकते हैं। यह सुविधा किसानों को बिना किसी परेशानी के अपनी जरूरत के उपकरण आसानी से किराए पर लेने का अवसर देती है।

इसके अलावा, ‘बिहार कृषि रेडियो’ अब पॉडकास्ट और लाइव स्ट्रीमिंग पर भी उपलब्ध है। इस रेडियो में सुबह 10:00 बजे से शाम 4:15 बजे तक कृषि विशेषज्ञों द्वारा जानकारियां दी जाती है। जबकि शाम 5:00 से 5:30 बजे तक कृषि लोकगीत और मनोरंजन कार्यक्रम प्रसारित होते हैं।

किसान इस रेडियो सेवा का फायदा बिहार कृषि रेडियो मोबाइल ऐप, विभागीय वेबसाइट और ‘रेडियो गार्डन’ प्लेटफॉर्म पर भी उठा सकते हैं, जो खासकर उन किसानों के लिए है जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement