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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान के उदयपुर कृषि विश्वविद्यालय ने ड्रोन से नैनो यूरिया छिड़काव का प्रदर्शन किया

11 फरवरी 2023,  उदयपुर । राजस्थान के उदयपुर कृषि विश्वविद्यालय ने ड्रोन से नैनो यूरिया छिडक़ाव का प्रदर्शन किया – महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा स्मार्ट गांव मदार मे ड्रोन द्वारा नैनो यूरिया छिडक़ाव का सजीव प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुलपति डॉ. अजित कुमार कर्नाटक ने बताया कि किसानों को हमेशा नई तकनीकियों को अपनाते रहना चाहिए। ड्रोन तकनीकी से फसलों पर कीटनाशी, खरपतवारनाशी, उर्वरकों का छिडक़ाव आसानी से  कर सकते हैं जहां एक तरफ इससे समय एवं श्रम की बचत होती है वही पानी की भी बचत होती है। इस अवसर पर डॉ. आरए कौशिक, निदेशक प्रसार शिक्षा निदेशालय, उदयपुर ने  बताया कि चयनित स्मार्ट गांव में कृषि में नए-नए  तकनीकी का प्रदर्शन करते रहते हैं। डॉ. पीके सिंह अधिष्ठाता सीटीएआई ने बताया कि  आईआईएफएल फाउंडेशन मुंबई एवं ब्लू इन इंफिनिटी लैब्स के सहयोग से अनुसंधान एवं शैक्षणिक उद्देश्य हेतु 25 किलोग्राम क्षमता का ड्रोन विश्वविद्यालय को दिया गया है। इससे गेहूं की फसल पर पहली बार प्रयोग किया गया है।

कैसे करें नैनो यूरिया का उपयोग

श्री प्रवीण लाम्बा, क्षेत्रीय अधिकारी इफको ने बताया कि नैनो यूरिया  2 से 4 मिली  प्रति लीटर मिलाकर फसल की बुवाई से 35 दिन बाद छिडक़ाव से प्रयोग कर सकते हैं। नैनो यूरिया के 500 मिली की बोतल सहकारी समिति पर रू. 225 उपलब्ध है, जो एक एकड़ में छिडक़ाव के लिए पर्याप्त है। इसकी उपयोग क्षमता 80-85 प्रतिशत पाई गई है एवं इसके प्रयोग से 5-8 प्रतिशत उपज एवं गुणवत्ता मे वृद्धि पाई गई है।

डॉ. विक्रमादित्य दवे सीटीएआई एवं उनके दल ने ड्रोन का सफ़ल प्रदर्शन संपन्न किया। इस मौके पर बी. के. शर्मा, अधिष्ठाता, फिशरीज महाविद्यालय, डॉ. लतिका व्यास, प्रसार शिक्षा निदेशालय, श्री दौलत सिंह राठौड़, इफको किसान, फर्टिलाइजर डीलर प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।

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