Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: किसानों के लिए 1.90 लाख टन यूरिया व 1.02 लाख टन डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध  

23 अगस्त 2025, भोपाल: राजस्थान: किसानों के लिए 1.90 लाख टन यूरिया व 1.02 लाख टन डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध – राज्य सरकार और कृषि विभाग लगातार उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर नजर रख रहे हैं। कम स्टॉक और ज्यादा खपत वाले जिलों व ब्लॉकों को चिन्हित कर पूरे प्रदेश में प्राथमिकता के साथ डीएपी और यूरिया का पारदर्शी वितरण किया जा रहा है। कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए विभाग के अधिकारी पूरी सतर्कता से काम कर रहे हैं।

अप्रैल से अब तक केंद्र से स्वीकृत 8.82 लाख मैट्रिक टन यूरिया में से 8.05 लाख टन की आपूर्ति की जा चुकी है। अगस्त में शेष 77 हजार टन की आपूर्ति जल्द की जाएगी। इसी तरह 4.75 लाख टन डीएपी में से 3.25 लाख टन डीएपी भी किसानों तक पहुंचाया जा चुका है।

शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल ने बताया कि प्रदेश में इस समय 1.90 लाख टन यूरिया, 1.02 लाख टन डीएपी, 0.80 लाख टन एनपीके और 1.84 लाख टन SSP का स्टॉक उपलब्ध है। फॉस्फेटिक उर्वरकों का स्टॉक पिछले साल के मुकाबले 0.83 लाख टन ज्यादा है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

जिलों में उर्वरक की उपलब्धता

डीग, भरतपुर, अलवर और बूंदी जिलों में उर्वरकों की निरंतर आपूर्ति हो रही है। डीग में 2,230 टन यूरिया, 1,510 टन डीएपी, 2,090 टन एनपीके और 4,820 टन SSP उपलब्ध हैं। भरतपुर में 2,808 टन यूरिया, 1,912 टन डीएपी, 2,618 टन एनपीके और 5,574 टन SSP मौजूद है। बूंदी जिले में 4,912 टन यूरिया, 3,529 टन डीएपी, 2,455 टन एनपीके और 8,173 टन SSP उपलब्ध हैं।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

किसानों को उचित वितरण और कड़ी कार्रवाई

कृषि विभाग ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों के सही उपयोग के लिए प्रेरित किया है। साथ ही, उर्वरक वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी, जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए गए हैं। किसानों को पंक्तिबद्ध कर प्रशासन एवं विभागीय कर्मचारियों की देखरेख में उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है।

राजन विशाल ने बताया कि पूर्वी जिलों में कुछ किसानों द्वारा डीएपी की अग्रिम खरीद हो रही है, जबकि खरीफ में डीएपी की जरूरत नहीं होती। रबी के लिए अलग से आवंटन निर्धारित है, जिसकी आपूर्ति समय पर की जाएगी।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com