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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: यूरिया डायवर्जन-जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई, 38 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित  

16 अप्रैल 2026, जयपुर: राजस्थान: यूरिया डायवर्जन-जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई, 38 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित – राजस्थान सरकार और कृषि विभाग द्वारा खरीफ 2026 में मांग अनुसार उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरकों की कालाबाजारी, डायवर्जन व जमाखोरी को रोकने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रदेश भर में जिला, उपखण्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर उर्वरक विक्रेताओं, यूरिया के गैर कृषि कार्य में उपयोग करने वाली उत्पादन ईकाईयों यथा प्लाईवुड, रेजिन, डेफ, पशु आहार के परिसरों में सघन निरीक्षण किया जा रहा है एवं अनियमितता पाये जाने पर कठोर कार्यवाही की जा रही है।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि राज्य में 13 अप्रेल 2026 को सहकारी व निजी क्षेत्र में 3 लाख 84 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 71 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 67 हजार मैट्रिक टन एनपीके एवं 2 लाख 13 हजार मीट्रिक टन एसएसपी उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है व आपूर्ति निरन्तर जारी है। कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को किसी भी प्रकार से चिंतित होने की आवश्यकता नही है, राज्य सरकार द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता में कोई कमी नही आने दी जायेगी। विगत वर्षो व अन्य राज्यों की तुलना में इस वर्ष अधिक मात्रा में समस्त प्रकार के उर्वरकों की उपलब्धता है।

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा यूरिया के डायवर्जन, काला बाजारी एवं जमाखोरी को रोकने हेतु गुण नियंत्रण अभियान 29 मार्च से चलाया जा रहा है तथा दिनांक 11 अप्रेल से विशेष अभियान चलाया जाकर पूरे प्रदेश में उर्वरकों के विक्रय, अवैध भण्डारण, कालाबाजारी व अनुदानित यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के लिये औचक निरीक्षण कर छापेमारी की कार्यवाही की गई है।

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437 उर्वरक विक्रेताओं को नोटिस जारी

आयुक्त कृषि श्री नरेश कुमार गोयल के नेतृत्व में 11 अप्रेल को उर्वरक विक्रेताओं व कालाडेरा औद्योगिक क्षेत्र में संचालित प्लाईवुड निर्माण ईकाईयों पर यूरिया के दुरुपयोग की आशंका के मध्यनजर छापेमारी की गई। विभाग द्वारा उक्त अवधि में 2793 निरीक्षण कर अनियमितता करने वाले विक्रेताओं के विरुद्व 437 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किये, 23 विक्रेताओं के उर्वरक विक्रय पर रोक लगाई गई, 38 उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निलम्बित किये जाकर एफआईआर हेतु 1 शिकायत दर्ज कराई गई है एवं उर्वरक निरीक्षकों द्वारा निरन्तर कार्यवाही जारी है।

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प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल द्वारा कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में अंकित सिफारिश के अनुसार ही उर्वरकों के उपयोग हेतु प्रेरित करने, हरी खाद का उपयोग करने, जैविक खेती व प्राकृतिक खेती को बढावा देने तथा उर्वरकों का समान रूप से पारदर्शिता के साथ वितरण कराने और उर्वरक वितरण में अनियमितता बरतने वाले विक्रेताओं, जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हेतु समस्त जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

आयुक्त कृषि ने बताया कि समय-समय पर विशेष अभियान चलाये जाकर उर्वरक वितरण में जमाखोरी, कालाबाजारी, यूरिया डायवर्जन सहित अन्य अनियमितता बरतने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जा रही है। आयुक्त कृषि द्वारा राज्य के किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों की बुवाई के समय ही मांग अनुसार उर्वरकों का क्रय करें, साथ ही रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करते हुये अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढावा दिया जावे।  

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