राजस्थान: 40 दिवसीय प्रशिक्षण से तैयार होंगी ‘सोलर दीदी’, सौर अनुरक्षण में मिलेगा कौशल
07 जनवरी 2026, जयपुर: राजस्थान: 40 दिवसीय प्रशिक्षण से तैयार होंगी ‘सोलर दीदी’, सौर अनुरक्षण में मिलेगा कौशल – राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) एवं Accept कॉलेज, तिलोनीया (अजमेर) के मध्य मंगलवार को एक गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू नेहा गिरि, राज्य मिशन निदेशक, राजीविका एवं सौम्या किदाम्बी, निदेशक एवं सीईओ, बेयरफुट कॉलेज (Social Work and Research Centre – SWRC) के मध्य संपन्न हुआ।
यह कार्यक्रम श्रेया गुहा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास विभाग की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित हुआ। इस अवसर पर श्रीमती पुष्पा सत्यानी, सचिव, ग्रामीण विकास विभाग एवं प्रीती सिंह, परियोजना निदेशक (प्रशासन), राजीविका भी उपस्थित रहीं। साथ ही राज्य परियोजना प्रबंधक एवं राजीविका के अन्य अधिकारीगण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
इस समझौते का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को “सोलर दीदी” के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें समुदाय-स्तरीय सौर मरम्मत एवं अनुरक्षण तकनीशियन के रूप में सशक्त बनाना है।
इस पहल के अंतर्गत राजीविका के स्वयं सहायता समूह नेटवर्क से चयनित महिलाओं को बयरफुट कॉलेज, तिलोनीया में 40 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कक्षा-आधारित शिक्षण के साथ-साथ उपकरण संचालन, सुरक्षा प्रशिक्षण, वायरिंग, ट्रबलशूटिंग, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस तथा फील्ड एक्सपोजर को शामिल किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित सौर प्रणालियों की दीर्घकालिक कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के साथ-साथ महिलाओं के लिए स्वच्छ ऊर्जा आधारित आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करना है।
यह सहयोग घरेलू एवं सामुदायिक सौर प्रणालियों के अनुरक्षण तंत्र को मजबूत करेगा तथा पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना सहित विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के अंतर्गत स्थापित सौर अवसंरचना के प्रभावी उपयोग, समयबद्ध मरम्मत सेवाओं एवं ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देगा। प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षित “सोलर दीदियों” को पंचायतों, सामुदायिक संस्थानों एवं ग्रामीण परिवारों से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे, जिससे उन्हें स्वरोजगार एवं सेवा-आधारित आय के अवसर प्राप्त हो सकें।
राजीविका का कहना है कि यह समझौता महिला सशक्तिकरण, स्वच्छ ऊर्जा आधारित आजीविका सृजन तथा समावेशी ग्रामीण विकास के प्रति दोनों संस्थाओं की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है और ग्रामीण राजस्थान में सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
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