राज्य कृषि समाचार (State News)

रायपुर: वैज्ञानिक खेती ने बदली महिला किसान की तस्वीर, मचान विधि से बरबटी उत्पादन में मिली बड़ी सफलता  

05 अगस्त 2026, रायपुर: रायपुर: वैज्ञानिक खेती ने बदली महिला किसान की तस्वीर, मचान विधि से बरबटी उत्पादन में मिली बड़ी सफलता – छत्तीसगढ़ में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) के तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से महिला किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय अर्जित कर रही हैं। इसका प्रेरक उदाहरण मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम घुटरा की महिला किसान विमला दीदी हैं, जिन्होंने मचान (ट्रेलिस) विधि से बरबटी की खेती कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

आईएफसी द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में विमला दीदी सहित क्षेत्र की कई महिला किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मचान विधि से बरबटी उत्पादन की उन्नत तकनीक सिखाई गई। इस तकनीक को अपनाने के बाद उनकी फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।

बेहतर उत्पादन के साथ बढ़ी आय

मचान विधि अपनाने से बरबटी की बेलों को पर्याप्त सहारा मिला, जिससे पौधों का समुचित विकास हुआ। बेहतर धूप और वायु संचार के कारण रोग और कीटों का प्रकोप भी कम हुआ। इसके परिणामस्वरूप लंबी, आकर्षक और उच्च गुणवत्ता वाली फलियां तैयार हुईं, जिन्हें बाजार में बेहतर कीमत मिली। इससे विमला दीदी की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

कम श्रम, कम लागत और आसान तुड़ाई

इस तकनीक का एक बड़ा लाभ यह भी रहा कि फसल की तुड़ाई पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक हो गई। इससे श्रम और समय दोनों की बचत हुई, जबकि खेती की लागत भी नियंत्रित रही। वैज्ञानिक पद्धति अपनाने से खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ साबित हुई।

प्रशिक्षण ने बदली खेती की सोच

विमला दीदी बताती हैं कि आईएफसी के प्रशिक्षण ने खेती को लेकर उनकी सोच बदल दी। पहले वे पारंपरिक खेती करती थीं, लेकिन अब आधुनिक कृषि तकनीकों के जरिए कम संसाधनों में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि किसान समय-समय पर नई तकनीकों को सीखकर अपनाएं, तो खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

अन्य महिला किसानों के लिए बनीं प्रेरणा

आज विमला दीदी की सफलता आसपास के गांवों की महिला किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सही प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से महिलाएं भी कृषि क्षेत्र में नई पहचान बना सकती हैं। आईएफसी की पहल महिला किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने, उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। राज्य में आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

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