रायपुर: किसानों के लिए वरदान बनी धमतरी की आईएफसी नर्सरी, अब गांव में ही मिल रहे गुणवत्तापूर्ण पौधे
07 जुलाई 2026, रायपुर: रायपुर: किसानों के लिए वरदान बनी धमतरी की आईएफसी नर्सरी, अब गांव में ही मिल रहे गुणवत्तापूर्ण पौधे – छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के तहत संचालित आईएफसी (इंटेंसिव फार्मिंग क्लस्टर) नर्सरी किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। जनपद पंचायत धमतरी द्वारा सद्भावना महिला संकुल स्तरीय संगठन, दोनर के सहयोग से संचालित यह आजीविका सेवा केंद्र अब किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण सब्जी और फलदार पौधे उपलब्ध करा रहा है। इससे किसानों की लागत कम हुई है, समय पर पौधे मिल रहे हैं और उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।
पहले किसानों को सब्जी और फलदार पौधों के लिए दूर-दराज के बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार समय पर पौधे नहीं मिलने या खराब गुणवत्ता के कारण फसल उत्पादन प्रभावित होता था। लेकिन आईएफसी नर्सरी शुरू होने के बाद अब किसानों को गांव के पास ही प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे वैज्ञानिक खेती को भी बढ़ावा मिला है।
टमाटर से लेकर नारियल तक तैयार हो रहे उन्नत पौधे
आईएफसी नर्सरी में टमाटर, मिर्च, बैंगन, फूलगोभी, करेला, सहजन (मुनगा), पपीता, कटहल और नारियल सहित कई सब्जी एवं फलदार फसलों के उन्नत पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इन पौधों का वितरण उत्पादक समूहों और क्लस्टरों के माध्यम से विभिन्न गांवों के किसानों तक किया जा रहा है। इससे क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन को बढ़ावा मिला है और किसान आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपना रहे हैं।
महिला समूहों को मिला रोजगार और आय का साधन
इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नर्सरी का संचालन महिला स्व-सहायता समूह कर रहे हैं। महिलाएं पौध तैयार करने, उनकी देखभाल, विपणन और प्रबंधन का जिम्मा संभाल रही हैं। इससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार, नियमित आय और स्वरोजगार का अवसर मिला है। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सफल उदाहरण बनकर सामने आई है।
38 हजार से अधिक पौधों का उत्पादन, ₹1.15 लाख की आय
वर्तमान चरण में आईएफसी नर्सरी द्वारा 38,100 गुणवत्तापूर्ण पौधों का उत्पादन और वितरण किया जा चुका है। इससे 1,15,150 रुपये की आय अर्जित हुई है। यह उपलब्धि महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम संगठन, उत्पादक समूहों, आईएफसी एंकर और क्लस्टर टीम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
किसानों को मिल रहा सीधा लाभ
गुणवत्तापूर्ण पौधों की समय पर उपलब्धता से किसानों को बेहतर उत्पादन मिल रहा है। साथ ही जैविक खेती, पोषण वाटिका, फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को भी बढ़ावा मिला है। बेहतर पौधों के कारण फसलों की वृद्धि और उत्पादकता में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।
यह पहल कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र सिंह ठाकुर, जिला परियोजना प्रबंधक (आजीविका) अनुराग मिश्रा, जनपद पंचायत धमतरी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी वर्षा रानी चिकन्जूरी तथा ब्लॉक परियोजना प्रबंधक प्रेमचंद सिन्हा के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के तहत संचालित धमतरी की आईएफसी नर्सरी यह साबित कर रही है कि यदि महिला समूहों की भागीदारी, आधुनिक कृषि तकनीक और संस्थागत सहयोग को साथ लेकर काम किया जाए, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण जैसे लक्ष्यों को भी प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।
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