रायपुर: पशुपालन ने बदली सरस्वती पैंकरा की किस्मत, दूध बेचकर हर महीने कमा रहीं 20 हजार रुपए
11 जून 2026, रायपुर: रायपुर: पशुपालन ने बदली सरस्वती पैंकरा की किस्मत, दूध बेचकर हर महीने कमा रहीं 20 हजार रुपए – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम अंबाधार की निवासी सरस्वती पैंकरा की सफलता की कहानी में देखने को मिलता है।
स्व-सहायता समूह से जुड़कर शुरू किया आत्मनिर्भरता का सफर
एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाली सरस्वती पैंकरा बिहान योजना के अंतर्गत संचालित करुणा स्व-सहायता महिला समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और पशुपालन को अपनी आजीविका का प्रमुख साधन बनाया।
सरकारी योजना से मिली आर्थिक मदद
राज्य शासन की पशुपालन प्रोत्साहन योजना के तहत सरस्वती पैंकरा को दो उन्नत नस्ल की गायें प्रदान की गईं। इन गायों की कुल कीमत लगभग 1.40 लाख रुपए थी, जिसमें से 93 हजार रुपए की राशि शासन द्वारा अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई गई। इस सहायता ने उन्हें डेयरी व्यवसाय शुरू करने में बड़ी मदद दी और आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम किया।
प्रतिदिन 15 लीटर तक दूध उत्पादन
वर्तमान में सरस्वती अपनी गायों से प्रतिदिन लगभग 14 से 15 लीटर दूध का उत्पादन कर रही हैं। स्थानीय बाजार में दूध बेचकर वे प्रतिमाह करीब 20 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। इस अतिरिक्त आमदनी से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।
अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
सरस्वती पैंकरा का कहना है कि शासन की योजनाओं और स्व-सहायता समूह के सहयोग ने उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज वे न केवल अपने परिवार के लिए आर्थिक संबल बनी हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल
सरस्वती पैंकरा की सफलता की कहानी यह साबित करती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो वे आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकती हैं। राज्य सरकार की योजनाएं ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
पशुपालन के माध्यम से सरस्वती पैंकरा ने न केवल अपने परिवार की आय बढ़ाई है, बल्कि यह भी दिखाया है कि मेहनत, सरकारी सहयोग और सही दिशा मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
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