शहडोल में बारिश के कारण फंगस से प्रभावित हो रही कोदो फसल, मॉनिटरिंग में जुटे अधिकारी
30 सितम्बर 2025, शहडोल: शहडोल में बारिश के कारण फंगस से प्रभावित हो रही कोदो फसल, मॉनिटरिंग में जुटे अधिकारी – मध्यप्रदेश के शहडोल संभाग में लगातार हो रही बारिश के कारण कोदो और अन्य फसलों में फंगस लगने का खतरा बढ़ गया है। शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिलों में फसलों में फंगस के लक्षण पाए जा रहे हैं, जिससे फसलें विषाक्त हो सकती हैं। ऐसे फंगस लगी फसलें खाने से वन्य जीवों सहित पालतू पशुओं को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। इस वजह से कृषि और वन विभाग के अधिकारी फसलों की निगरानी (मॉनिटरिंग) कर रहे हैं ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
आयुक्त शहडोल संभाग सुरभि गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे फसलों की नियमित जांच करें और फंगस से प्रभावित फसलों की जानकारी तुरंत एक-दूसरे को दें। साथ ही, वन्य जीवों को नुकसान पहुंचाने वाली फसलों में बीमारी पाए जाने पर तुरंत रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करें।
फंगस से प्रभावित फसलों के नूमनों का कराया परीक्षण
प्रभारी वन संरक्षक शहडोल वन वृत्त एवं संचालक बांधवगढ़ नेशनल पार्क डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र के शहरगढ़ ग्राम में बाबूलाल पाल के खेत में कोदो की फसल में फंगस के लक्षण मिले हैं। इसी तरह उमरिया जिले में भी कोदो की फसलों में फंगस पाया गया है। कृषि विभाग से कहा गया है कि वे संबंधित इलाकों का भ्रमण कर फसलों के नमूने लेकर परीक्षण करवाएं।
फसलें जल्द ही पकने वाली हैं, इसलिए फंगस लगने से फसलें विषाक्त हो जाती हैं। ऐसे विषाक्त फसलें खाने से वन्य जीवों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। इस कारण कृषि विभाग का मैदानी अमला वन विभाग के अमले के संपर्क में रहकर लगातार निगरानी करता रहे और सूचनाओं का आदान-प्रदान करें। यदि कोई संदेह हो तो फसलों के सैंपल की जांच कराएं।
पशु चिकित्सा विभाग को सतर्क रहने के निर्देश
वन्य जीवों और पालतू पशुओं को विषाक्त फसल खाने से बचाने के लिए पशु चिकित्सा विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की टीम और चिकित्सक सूचना मिलते ही आवश्यक दवाओं के साथ प्रभावित वन्य जीवों का इलाज करने के लिए तैयार रहें। इसके अलावा, आवश्यक दवाइयों का भंडारण, वाहन की व्यवस्था और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार रखी जाए ताकि विषाक्त फसलों से होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
बैठक में वनमंडलाधिकारी श्रद्धा पेन्द्रे, संयुक्त संचालक कृषि जेएस पेन्द्राम, तीनों जिलों के उप संचालक कृषि, पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी तथा कृषि वैज्ञानिक मौजूद थे।
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