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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 38 लाख हेक्टेयर में ली जाएंगी रबी फसलें

94 लाख हेक्टेयर में होगा गेहूं

(अतुल सक्सेना)

26 अक्टूबर 2021, भोपाल । मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 38 लाख हेक्टेयर में ली जाएंगी रबी फसलें – मध्य प्रदेश में इस वर्ष रबी 2021-22 में 1 करोड़ 38 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में रबी फसलें लगाई जाएंगी। गत वर्ष 1 करोड़ 36 लाख हेक्टेयर में रबी फसलें ली गई थीं। इस वर्ष लगभग 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र अधिक कवर करने का लक्ष्य है। वहीं खाद के लिए लगभग 42 लाख टन वितरण लक्ष्य रखा गया है।

कृषि विभाग के मुताबिक इस वर्ष राज्य में 138 लाख 89 हजार हेक्टेयर में रबी फसलें लेने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें प्रमुख गेहूं की बोनी 94.82 लाख हेक्टेयर में की जाएगी। गत वर्ष गेहूं 102 लाख हेक्टेयर में बोया गया था। चालू रबी में मुख्यत: गेहूं का रकबा लगभग 8 लाख हेक्टेयर कम कर दलहनी एवं तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे दालों के आयात पर निर्भरता कम की जा सके तथा तेलों की बढ़ती कीमत को नियंत्रित किया जा सके। वहीं खाद्यान्न फसलों के तहत जौ की बोनी 85.84 हजार हेक्टेयर में होगी।

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जानकारी के मुताबिक राज्य में दलहनी फसलों के तहत मुख्य रूप से चने की बोनी 24.30 लाख हेक्टेयर में, मसूर 5.47 तथा मटर 2.32 लाख हेक्टेयर में बोई जाएगी। इसी प्रकार तिलहनी फसलों में मुख्यत: सरसों की बुवाई 8.62 लाख हेक्टेयर में तथा अलसी 1.04 लाख हेक्टेयर में ली जाएगी। रबी की नकदी फसल गन्ने की बुवाई 1.43 लाख में होगी।

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कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष राज्य में कुल उर्वरक वितरण का लक्ष्य लगभग 42 लाख टन रखा गया है जबकि गत वर्ष 41 लाख टन वितरण लक्ष्य रखा गया था। उर्वरकों में मुख्यत: यूरिया-20 लाख टन, डीएपी-8.50 लाख टन, काम्पलेक्स-2.35 लाख टन 12:32:16-1.95 लाख टन, एम.ओपी-80 हजार टन एवं एसएसपी-8 लाख टन वितरित किया जाएगा। राज्य में सबसे अधिक सागर जिले में 5.51 लाख हेक्टेयर बोनी का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार विदिशा में 5.34 लाख हेक्टेयर, छतरपुर में 4.82 लाख हे., उज्जैन में 4.70, शिवपुरी में 4.45 एवं धार जिले में 4.27 लाख हेक्टेयर में बोनी की जाएगी। वहीं उर्वरक खपत देखें तो राज्य में सबसे अधिक इंदौर संभाग में यूरिया वितरण का लक्ष्य 3.40 लाख टन रखा गया है। इसमें धार जिले का लक्ष्य सबसे अधिक है। धार जिले में 84 हजार टन यूरिया वितरण किया जाएगा इसमें से 58 हजार 800 टन मार्कफेड एवं 25 हजार 200 टन यूरिया वितरण निजी क्षेत्र करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक विभाग द्वारा रबी में खाद के बढ़ते दाम एवं कमी को देखते हुए एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को रासायनिक खादों का संतुलित और सही मात्रा में प्रयोग करने की सलाह दी गई है। जिससे उत्पादन बेहतर हो और मृदा की उर्वरता बनी रहे।

मार्कफेड 70 एवं निजी क्षेत्र 30 फीसदी उर्वरक वितरण करेंगे

राज्य शासन द्वारा उर्वरक वितरण में निर्धारित नीति के मुताबिक 70:30 के अनुपात में मार्कफेड और निजी विक्रेताओं द्वारा उर्वरक वितरण किया जाएगा। इसी के मुताबिक लक्ष्य भी तय किए गए है।
जानकारी के मुताबिक प्रमुख उर्वरकों में यूरिया का 20 लाख टन लक्ष्य निर्धारित है इसमें मार्कफेड 14 लाख टन एवं निजी क्षेत्र 6 लाख टन वितरण करेंगे। इसी प्रकार डीएपी 8 लाख 50 हजार टन में से मार्कफेड 6.37 लाख टन एवं निजी क्षेत्र 2.12 लाख टन, काम्पलेक्स 2.35 लाख टन में से मार्कफेड 1.29 एवं निजी क्षेत्र 1.05 लाख टन, 12:32:16 का 1.95 लाख टन में से मार्कफेड 1.07 लाख टन एवं निजी क्षेत्र 87 हजार टन, एमओपी 80 हजार टन में से मार्कफेड 44 हजार टन एवं निजी क्षेत्र 36 हजार टन एवं एस.एस.पी. का 8 लाख टन में से मार्कफेड 4 लाख 40 हजार टन तथा निजी क्षेत्र 3 लाख 60 हजार टन उर्वरक वितरण करेंगे।