बालाघाट में प्राकृतिक खेती और DSR पद्धति को बढ़ावा, कृषि अधिकारियों ने खेतों व जैव संसाधन केंद्रों का किया निरीक्षण
01 सितंबर 2026, बालाघाट: बालाघाट में प्राकृतिक खेती और DSR पद्धति को बढ़ावा, कृषि अधिकारियों ने खेतों व जैव संसाधन केंद्रों का किया निरीक्षण – मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान एवं राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत उपसंचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्मा फूलसिंह मालवीय ने बालाघाट जिले के विकासखंड लांजी के विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर किसानों के खेतों और जैव संसाधन केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती, धान की सीधी बुवाई (DSR) सहित आधुनिक एवं कम लागत वाली कृषि पद्धतियों को अपनाने वाले किसानों से संवाद किया और फसलों की स्थिति का जायजा लिया।
DSR पद्धति से धान की फसल का निरीक्षण
ग्राम कालीमाटी में कृषक बसंत घोरमारे के खेत में DSR यानी धान की सीधी बुवाई पद्धति से लगाई गई धान की फसल का निरीक्षण किया गया। कृषक ने बताया कि पारंपरिक रोपा पद्धति की तुलना में DSR अपनाने से खेती की लागत में कमी आई है और फसल भी अच्छी स्थिति में है। उपसंचालक कृषि मालवीय ने फसल की स्थिति का अवलोकन करते हुए कृषक को प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन के लिए नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र के छिड़काव की सलाह दी। इसके बाद ग्राम भूरसाडोगरी में कृषक चेतन मेहरबान के खेत का निरीक्षण किया गया। यहां DSR पद्धति से धान के साथ ढैंचा की फसल भी लगाई गई है। कृषक ने बताया कि फसल की स्थिति अच्छी है और उन्होंने इस पद्धति के प्रति संतोष व्यक्त किया।
जैव संसाधन केंद्रों का किया निरीक्षण
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत ग्राम कालीमाटी, मनेरी और करेजा स्थित जैव संसाधन केंद्रों (BRC) का भी निरीक्षण किया गया। कालीमाटी स्थित गणेश जैव संसाधन केंद्र में जीवामृत, घनजीवामृत, जैविक कीटनाशक, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र आदि प्राकृतिक कृषि उत्पादों के निर्माण एवं विक्रय की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने केंद्र पर तैयार किए जा रहे उत्पादों और उनकी उपयोगिता के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
ग्राम मनेरी में कृषक पन्नालाल चौधरी के घर संचालित जैव संसाधन केंद्र का निरीक्षण किया गया। यहां बायोडाइजेस्टर के माध्यम से तैयार किए जा रहे जीवामृत एवं जैविक कीटनाशकों के संबंध में चर्चा की गई। वहीं ग्राम करेजा में कृषि सखी भुवनेश्वरी उमरे, उषा भटेरे एवं कृषक हेमेंद्र उमरे के जैव संसाधन केंद्र का निरीक्षण किया गया। केंद्र को और अधिक विकसित करने तथा प्राकृतिक कृषि उत्पादों के निर्माण एवं उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई तकनीकों पर चर्चा की गई।
प्रगतिशील किसान के खेत में DSR धान और अरहर का अवलोकन
ग्राम फोपसा के प्रगतिशील कृषक देवराम चौरागडे के खेत का भी श्री मालवीय ने निरीक्षण किया। यहां अरहर की लाइन सोइंग तथा DSR पद्धति से लगाई गई धान की फसल का अवलोकन किया गया। उल्लेखनीय है कि कृषक देवराम चौरागडे को वर्ष 2025 में आत्मा विभाग के माध्यम से कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में जिले में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ था। उनके खेत में अपनाई जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भी ली गई।
किसानों को आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने, कृषि लागत कम करने तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए प्रेरित किया। DSR जैसी तकनीकों के साथ जैविक एवं प्राकृतिक कृषि इनपुट के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। इस दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कुलदीप गणवीर, विकासखंड तकनीकी प्रबंधक अजय बिजेवार, कृषि सखी रूपा कंकरायणे, उमेश्वरी बंसोड, लीला राहंगडाले एवं इंदु चौधरी सहित अन्य संबंधित कृषक एवं कृषि सखियां उपस्थित रहीं।
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