ऑयल पाम खेती को बढ़ावा: छत्तीसगढ़ सरकार दे रही 69,620 रुपये तक का अनुदान, ऐसे उठाएं फायदा
12 जनवरी 2026, रायपुर: ऑयल पाम खेती को बढ़ावा: छत्तीसगढ़ सरकार दे रही 69,620 रुपये तक का अनुदान, ऐसे उठाएं फायदा – देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय में दीर्घकालीन व स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयल पाम (NMEO-OP) योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत आयल पाम की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार के अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में टॉप-अप अनुदान दिया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक संबल मिल सके।
प्रारंभिक लागत को देखते हुए राज्य का विशेष सहयोग
सहायक संचालक उद्यानिकी, मुंगेली ने बताया कि ऑयल पाम की खेती में प्रारंभिक लागत अधिक होती है तथा 3 से 4 वर्षों की गेस्टेशन अवधि रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा किसानों को विशेष सहायता दी जा रही है।
केंद्र सरकार द्वारा देय न्यूनतम 1.30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के अनुदान के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को अलग-अलग मदों में टॉप-अप अनुदान प्रदान कर रही है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस दीर्घकालीन फसल की ओर आकर्षित हों।
आयल पाम खेती के प्रमुख फायदे
1. ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम वाली और उच्च उत्पादकता वाली फसल है। इसमें रोग प्रकोप की संभावना बहुत कम रहती है।
2. रोपण के चौथे वर्ष से उत्पादन शुरू हो जाता है
3. 25 से 30 वर्षों तक लगातार उपज मिलती है
4. पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता
इन विशेषताओं के कारण किसानों को स्थायी और सुनिश्चित आय प्राप्त होती है।
इन मदों में मिलेगा अतिरिक्त अनुदान
राज्य शासन द्वारा ऑयल पाम का रोपण करने वाले पात्र किसानों को खेती की लागत कम करने और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न मदों में अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसके तहत रखरखाव मद में पहले निर्धारित 5,250 रुपये प्रति हेक्टेयर की राशि को बढ़ाकर 6,750 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है।
इसी तरह किसानों को शुरुआती वर्षों में अतिरिक्त आमदनी देने के लिए अंतरवर्तीय फसलों की खेती हेतु सहायता बढ़ाकर 10,250 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है। जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाले किसानों को अतिरिक्त 8,635 रुपये की सहायता के साथ कुल 22,765 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जा रहा है। वहीं, रोपित ऑयल पाम पौधों और अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से सुरक्षित रखने के लिए फेंसिंग हेतु 54,485 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, फेंसिंग, अंतरवर्तीय फसल और ड्रिप सिंचाई मद में कुल 69,620 रुपये प्रति हेक्टेयर तक का अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
पात्रता और आवेदन कैसे करें
यह अनुदान केवल उन्हीं किसानों को देय होगा, जो नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयल पाम योजना के अंतर्गत ऑयल पाम का रोपण करेंगे।
योजना से संबंधित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, तकनीकी मार्गदर्शन और अधिकृत नर्सरी/कंपनियों की जानकारी के लिए किसान अपने जिले के उद्यानिकी विभाग कार्यालय, संबंधित अधिकारियों अथवा अधिकृत प्रतिनिधि कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं।
आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मिलेगा बल
ऑयल पाम की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी। सरकार का प्रयास है कि किसान दीर्घकाल में लाभान्वित हों और कृषि को लाभकारी व टिकाऊ बनाया जा सके।
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