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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश के 16 जिलों में भारी वर्षा की संभावना

19 जुलाई 2024, इंदौर: मध्यप्रदेश के 16 जिलों में भारी वर्षा की संभावना – मौसम केंद्र, भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले  24 घंटों  के दौरान मध्यप्रदेश  के  नर्मदापुरम, उज्जैन, शहडोल संभागों के जिलों में कहीं- कही; इंदौर, ग्वालियर, चंबल,रीवा संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर; भोपाल, जबलपुर, सागर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा दर्ज़ की गई एवं शेष सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। राज्य के कई जिलों में गरज -चमक के साथ तेज़ हवाएं चलीं। पश्चिमी मप्र के ग्वालियर में सर्वाधिक 78.4,1 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई। जून से 19 जुलाई तक की अवधि में मप्र में दीर्घावधि औसत से 7% कम वर्षा हुई है। पूर्वी मप्र में औसत से 19% कम और पश्चिमी मप्र में औसत से 5% अधिक वर्षा हुई है।

मौसम की स्थिति – मानसून ट्रफ वर्तमान में जैसलमेर, कोटा,गुना, सागर, रायपुर, पुरी से होते  हुए  दक्षिण – पूर्व  की ओर पश्चिम -मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय डिप्रेशन के केंद्र तक विस्तृत है। ओडिशा और उससे सटे तटीय उत्तरी आंध्र प्रदेश तथा संलग्न उत्तर -पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में ,पुरीसे लगभग 70 किमी दक्षिण -पूर्व में , गोपालपुर से दक्षिण -पूर्व में और कलिंगपटनम से पूर्व-उत्तर पूर्व में डिप्रेशन सक्रिय हो चुका है। दक्षिण गुजरात-उत्तरी केरल तटों पर अपतटीय ट्रफ अवस्थित है। विरूपक हवाओं के क्षेत्र के अलावा सौराष्ट्र और संलग्न  पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है।

पूर्वानुमान –  मौसम केंद्र के अनुसार रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, खंडवा, खरगोन, शाजापुर, भिंड, मुरैना,डिंडोरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , बालाघाट, छतरपुर, टीकमगढ़ और पांढुर्ना जिलों में कहीं – कहीं वज्रपात /झंझावात के साथ भारी वर्षा  (64.5 115.5 मि .मी.) होने की संभावना है। वहीं भोपाल,विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदा पुरम, बैतूल, हरदा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगरमालवा, जबलपुर, मंडला और सागर जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा  या गरज चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।

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