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PM-KUSUM योजना: जम्मू-कश्मीर के किसानों को सोलर पंप लगाने पर मिलेगी 80% की भारी सब्सिडी, जानें आवेदन प्रोसेस

15 नवंबर 2025, नई दिल्ली: PM-KUSUM योजना: जम्मू-कश्मीर के किसानों को सोलर पंप लगाने पर मिलेगी 80% की भारी सब्सिडी, जानें आवेदन प्रोसेस – जम्मू-कश्मीर के किसान अब सौर ऊर्जा यानी सोलर एनर्जी के माध्यम से अपनी खेती को और अधिक आत्मनिर्भर बना सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकार की मदद से किसान सोलर पंप और सोलर एनर्जी सिस्टम पर 80 फीसदी तक की सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। यह न सिर्फ किसानों की बिजली की समस्या हल करता है, बल्कि उनके खर्च में भी बड़ी कमी लाता है।

खेती में सौर ऊर्जा की भूमिका

जम्मू-कश्मीर में अधिकतर किसान सिंचाई के लिए डीजल या ग्रिड बिजली पर निर्भर हैं, जिससे खर्च बढ़ता है और पर्यावरण पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। सोलर पंप एक टिकाऊ विकल्प है जो बिना बिजली बिल के खेतों की सिंचाई करने में मदद करता है। इससे किसान सालाना हजारों रुपये की बचत कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा योजना (PM-KUSUM)

PM-KUSUM योजना के तहत किसानों को 3 हेक्टेयर तक की जमीन पर सोलर पंप लगाने की अनुमति दी गई है। इस योजना में:

1. केंद्र सरकार कुल लागत का 30% भुगतान करती है
2. राज्य सरकार 50% सब्सिडी देती है
3. किसान को केवल 20% राशि चुकानी होती है
इस तरह कम लागत में किसान अपने खेतों की सिंचाई पूरी कर सकते हैं।

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JAKEDA की पहल

जम्मू-कश्मीर एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (JAKEDA) ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया है। किसान विभाग की वेबसाइट या नजदीकी कृषि कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद तकनीकी निरीक्षण और पात्रता जांच की जाती है। कठुआ, सांबा, उधमपुर और अनंतनाग सहित कई जिलों में पहले से सैकड़ों किसानों ने इस योजना का लाभ उठाया है।

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आवेदन कैसे करें

किसान JAKEDA या कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, भूमि स्वामित्व प्रमाण, बैंक पासबुक और फोटो अपलोड कर सकते हैं। आवेदन मंजूर होने के बाद विभाग सोलर पंप इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया शुरू करता है। पंप इंस्टॉल होने के तुरंत बाद सब्सिडी की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।

फायदे

– बिजली और डीजल पर निर्भरता कम होती है।
-कार्बन उत्सर्जन घटता है।
-रखरखाव सस्ता और आसान है।
-खेती पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ बनती है।

सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में जम्मू-कश्मीर में 10,000 से अधिक सोलर पंप लगाना है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी।

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