पीएम धन-धान्य कृषि योजना: जशपुर के कृषि नवाचारों की केंद्र ने की प्रशंसा, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
11 जून 2026, रायपुर: पीएम धन-धान्य कृषि योजना: जशपुर के कृषि नवाचारों की केंद्र ने की प्रशंसा, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कृषि विकास, जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए जशपुर जिले में किए जा रहे नवाचारों को भारत सरकार ने सराहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव तथा योजना के केंद्रीय नोडल अधिकारी पी. अंबलगन (आईएएस) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले की समीक्षा करते हुए जशपुर मॉडल को प्रभावी, दूरदर्शी और किसान हितैषी बताया।
वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और नई कार्ययोजना की समीक्षा
समीक्षा बैठक में वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना में सुगंधित एवं औषधीय फसलों के क्लस्टर विकास, संविदा खेती को बढ़ावा, जीराफूल धान के रकबे का विस्तार, निर्यात योग्य धान क्लस्टर, सामुदायिक बीज बैंक, ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं, कस्टम हायरिंग सेंटर तथा कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और विपणन व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।
खरीफ सीजन की तैयारियों पर भी हुई चर्चा
बैठक में खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि किसानों के लिए बीज और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। संभावित एल-नीनो परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अल्प अवधि वाली धान किस्मों के साथ मोटे अनाज, दलहन और तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि मौसम संबंधी चुनौतियों के बावजूद उत्पादन प्रभावित न हो।
जल संरक्षण कार्यों की हुई सराहना
जल संचय जनभागीदारी अभियान के तहत जिले में संचालित जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन कार्यों की जानकारी भी बैठक में साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से जल संसाधनों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
संयुक्त सचिव पी. अंबलगन ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का महत्वपूर्ण आधार है।
विभागों के समन्वय और आधुनिक तकनीक पर जोर
उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और ग्रामीण विकास विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के सशक्तिकरण, मूल्य संवर्धन और बाजार संपर्क गतिविधियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने की जरूरत
श्री अंबलगन ने कहा कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ कृषि आधारित उद्यमिता, आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण और बेहतर विपणन व्यवस्था को भी समान महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने जिले में चल रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।
राष्ट्रीय स्तर पर बन रही पहचान
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जशपुर में किसानों की आय वृद्धि, कृषि विविधीकरण, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयास अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। इन पहलों से किसानों को आधुनिक तकनीकों का लाभ मिलने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
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