PM फसल बीमा योजना: जशपुर के किसानों के खातों में पहुंचे 7.90 करोड़ रुपये, बचे 92 लाख का भुगतान जल्द
24 जुलाई 2026, रायपुर: PM फसल बीमा योजना: जशपुर के किसानों के खातों में पहुंचे 7.90 करोड़ रुपये, बचे 92 लाख का भुगतान जल्द – प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत खरीफ वर्ष 2025 में फसल नुकसान झेलने वाले जशपुर जिले के किसानों को बड़ी राहत मिली है। प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम से प्रभावित पात्र किसानों के लिए 8 करोड़ 82 लाख 24 हजार 55 रुपये की बीमा दावा राशि स्वीकृत की गई है। इनमें से 7 करोड़ 90 लाख 13 हजार 272 रुपये डिजी क्लेम प्रणाली के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं, जबकि 92 लाख 10 हजार 738 रुपये के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
कृषि विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम संबंधी जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, जलभराव, कीट एवं रोगों का प्रकोप, आकाशीय बिजली और बादल फटने जैसी घटनाओं से फसल क्षतिग्रस्त होने पर पात्र किसानों को बीमा दावा दिया जाता है। इसके अलावा बुआई विफल होने और कटाई के बाद खेत में रखी फसल को प्रतिकूल मौसम से नुकसान होने की स्थिति में भी योजना के प्रावधानों के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इन फसलों का कराया गया था बीमा
खरीफ 2025 के दौरान जिले के किसानों ने सिंचित एवं असिंचित धान, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, मूंगफली, अरहर और उड़द सहित विभिन्न अधिसूचित फसलों का बीमा कराया था। फसल क्षति के आकलन के बाद पात्र किसानों के लिए 8.82 करोड़ रुपये से अधिक की दावा राशि निर्धारित की गई। कृषि विभाग का कहना है कि डिजी क्लेम प्रणाली लागू होने से भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनी है, जिससे अधिकांश किसानों को समय पर बीमा राशि मिल चुकी है।
किसानों से समय पर बीमा कराने की अपील
उप संचालक कृषि एम.आर. भगत ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत ऋणी और गैर-ऋणी किसान, भू-धारक तथा बटाईदार सभी पात्र हैं। इच्छुक गैर-ऋणी किसान आवश्यक दस्तावेजों और बुआई पुष्टि प्रमाण-पत्र के साथ सहकारी समिति, बैंक, बीमा कंपनी अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से अपनी अधिसूचित फसलों का समय पर बीमा कराकर प्राकृतिक जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि समय पर फसल बीमा कराने से प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई में किसानों को आर्थिक संबल मिलता है और खेती से जुड़े जोखिमों को कम करने में भी सहायता मिलती है।
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