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राज्य कृषि समाचार (State News)

PAU ने वर्षा जल संरक्षण पर किसानों को किया जागरूक, खेतों में रीचार्ज यूनिट लगाने की दी सलाह

24 जुलाई 2025, भोपाल: PAU ने वर्षा जल संरक्षण पर किसानों को किया जागरूक, खेतों में रीचार्ज यूनिट लगाने की दी सलाह – पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना के निदेशक प्रसार शिक्षा के दिशा-निर्देशों के तहत संगरूर जिले के फार्म एडवाइज़री सर्विस सेंटर, संगरूर द्वारा गांव हेड़िके के पास शेरपुर में एक किसान प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इस शिविर में वर्षा जल संरक्षण और खेतों में उसका सही उपयोग करने के तरीके बताए गए।

शिविर की अगुवाई कर रहे ज़िला वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि छतों पर गिरने वाले बारिश के पानी को सीधे जमीन में भेजकर (रीचार्ज यूनिट के ज़रिए) भूजल स्तर को बढ़ाया जा सकता है। इससे ना सिर्फ़ पानी की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि मिट्टी का कटाव भी रुकेगा और बाढ़ जैसे हालातों से भी बचाव होगा।

रीचार्ज यूनिट लगाने की लागत और सावधानियों की जानकारी दी

डॉ. अशोक कुमार ने किसानों को बताया कि रीचार्ज यूनिट कैसे काम करती है, उसे लगाने में कितना खर्च आता है और क्या-क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए। शिविर में कुछ किसानों की मिट्टी और पानी की रिपोर्ट की भी व्याख्या की गई और उन्हें सुधार के सुझाव दिए गए।

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फसलों में पोषक तत्वों की कमी और कीट नियंत्रण पर सलाह

उन्होंने बताया कि इस समय धान की फसल में जिंक की कमी देखी जा रही है, जिससे पौधों की ग्रोथ पर असर हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई कि वे कृषि विशेषज्ञ से मिलकर अनुशंसित मात्रा में जिंक का उपयोग करें। साथ ही, फसलों पर होने वाले कीटों जैसे पत्ती लपेटने वाली सुंडी, तना छेदक आदि का समय रहते निरीक्षण कर केवल जरूरत पड़ने पर ही दवाइयों का छिड़काव करें।

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बौने पौधों का नया रोग और बचाव की चेतावनी

शिविर के अंत में, डॉ. अशोक कुमार और टीम ने किसान रविंदर सिंह के खेत का दौरा किया। वहां PUSA-44 किस्म की धान में 2-3 बौने पौधे प्रति एकड़ पाए गए। ये एक नया वायरस जनित रोग है, जो सफेद पीठ वाले टिड्डे द्वारा फैलता है। किसानों को इस बीमारी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई।

शिविर में किसानों को जिप्सम, फर्टिलाइज़र, पानी के स्मार्ट उपयोग, और फ्रूट फ्लाई ट्रैप जैसे कृषि उपकरणों की जानकारी दी गई। साथ ही चूहों की रोकथाम, खरपतवार नियंत्रण और नई किस्मों के बारे में भी जानकारी साझा की गई। मौके पर खेती से जुड़ी सामग्री की प्रदर्शनी और बिक्री भी की गई।

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