यूपी में धान खरीदी शुरू, किसानों को 48 घंटे में मिलेगा भुगतान
03 नवंबर 2026, भोपाल: यूपी में धान खरीदी शुरू, किसानों को 48 घंटे में मिलेगा भुगतान – उत्तर प्रदेश के धान उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान की सरकारी खरीद की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है। इस बार किसानों को धान की बिक्री पर बढ़ा हुआ न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलेगा। इसके साथ ही सरकार ने उपज की खरीद के बाद 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की है। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सरकारी खरीद में धान की दो श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें सामान्य धान और ग्रेड-ए धान शामिल हैं। दोनों के लिए अलग-अलग न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। इसके अलावा किसानों को धान की उतराई, छनाई और सफाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। इससे मंडी और खरीद केंद्रों पर फसल बेचने के दौरान होने वाले खर्च में किसानों को कुछ राहत मिलेगी।
पूर्वी यूपी में एक नवंबर से धान खरीदी शुरू, 48 घंटे में किसानों के खाते में पहुंचेगा पैसा
उत्तर प्रदेश के धान उत्पादक किसानों के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत सरकारी खरीद की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से के साथ लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में एक नवंबर से धान की खरीद शुरू की जा रही है। यह प्रक्रिया 28 फरवरी 2027 तक चलेगी। इस बार केंद्र सरकार ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में भी वृद्धि की है। साथ ही किसानों को फसल बेचने के 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की गई है।
दो श्रेणियों के लिए अलग-अलग एमएसपी
इस बार सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जबकि ग्रेड-ए धान के लिए 2461 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है। इसके अलावा किसानों को धान की उतराई, छनाई और सफाई के लिए अलग से 20 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। इससे किसानों को फसल बेचने के दौरान होने वाले अतिरिक्त खर्च में राहत मिलेगी।
इन क्षेत्रों में शुरू होगी खरीद
एक नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज मंडलों में धान की सरकारी खरीद शुरू होगी। इसके साथ ही लखनऊ मंडल के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिलों में भी इसी तारीख से खरीद की जाएगी।
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65 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य
प्रदेश सरकार ने इस खरीफ सीजन में 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए आठ सरकारी एजेंसियों के माध्यम से लगभग 4500 क्रय केंद्रों पर खरीद की व्यवस्था की गई है। पिछले सीजन में प्रदेश में 62 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन हुआ था।
किसान जल्द पूरा कराएं पंजीकरण
जिन किसानों ने अभी तक सरकारी खरीद के लिए पंजीकरण नहीं कराया है, वे खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट fcs.up.gov.in अथवा यूपी किसान मित्र पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण और नवीनीकरण करा सकते हैं। किसान अपनी बैंक खाते और अन्य आवश्यक जानकारियां भी सही रखें, ताकि उपज बेचने के बाद भुगतान में परेशानी न हो।
सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पेयजल और बैठने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस बार बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य, अतिरिक्त सफाई शुल्क और 48 घंटे में भुगतान की व्यवस्था धान उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि इन व्यवस्थाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब खरीद केंद्रों पर किसानों की उपज बिना अनावश्यक देरी और परेशानी के खरीदी जाए।
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