पूर्वी यूपी में धान खरीद शुरू, MSP 2,441 रुपए, 48 घंटे में सीधे खाते में भुगतान
03 नवंबर 2026, लखनऊ: पूर्वी यूपी में धान खरीद शुरू, MSP 2,441 रुपए, 48 घंटे में सीधे खाते में भुगतान – पूर्वी उत्तर प्रदेश में शनिवार से सरकारी दर पर धान की खरीद शुरू हो गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए यह खरीद अभियान 28 फरवरी 2027 तक चलेगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए 4,500 खरीद केंद्र बनाने की योजना बनाई है।
केंद्र सरकार ने इस सीजन के लिए सामान्य धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2,441 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। ग्रेड-ए धान का भाव 2,461 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। पिछले सीजन के मुकाबले यह दर करीब 72 रुपए प्रति क्विंटल ज्यादा है।
धान बेचने वाले किसानों को अनलोडिंग, सफाई और छंटाई के एवज में अलग से 20 रुपए प्रति क्विंटल की राशि भी दी जाएगी। यह रकम समर्थन मूल्य के ऊपर अतिरिक्त होगी, जिससे किसानों की जेब पर पड़ने वाला खर्च कम होगा।
65 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य
इस बार सरकार ने 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। पिछले साल प्रदेश ने रिकॉर्ड 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था। इस साल का लक्ष्य पिछले रिकॉर्ड से भी ऊंचा रखा गया है, जो सरकार के बढ़े हुए इंतजामों का संकेत है।
खरीद के लिए आठ सरकारी एजेंसियां मैदान में उतारी गई हैं। शुक्रवार तक राज्य में 4,195 खरीद केंद्र खोले जा चुके थे, और बाकी केंद्र भी जल्द शुरू होने की तैयारी में हैं। चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के साथ लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिलों में भी एक नवंबर से खरीद शुरू हुई है।
मिर्जापुर मंडल में 165 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें मिर्जापुर में 65, सोनभद्र में 72 और भदोही में 28 केंद्र शामिल हैं। मंडल में केंद्रों की संख्या अभी और बढ़ने की संभावना जताई गई है, क्योंकि पिछले साल मिर्जापुर जिले में ही 120 केंद्र चले थे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान खरीद पहले से, यानी एक अक्टूबर से चल रही है। वहां एक महीने के भीतर 17 हजार से अधिक किसान करीब 1.06 लाख मीट्रिक टन धान बेच चुके हैं। पूर्वी क्षेत्र में फसल बाद में तैयार होने के कारण वहां खरीद एक नवंबर से शुरू की जाती है।
48 घंटे में सीधे खाते में भुगतान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसानों को धान बिकने के 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खाते में भुगतान करने की व्यवस्था की गई है। पूरी खरीद प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो सके और किसानों को समर्थन मूल्य का पूरा फायदा मिल सके।
अब तक 38 हजार से अधिक किसान पंजीकरण करा चुके हैं। जिन किसानों ने अभी पंजीकरण नहीं कराया है, वे fcs.up.gov.in वेबसाइट या यूपी किसान मित्र मोबाइल ऐप के जरिए पंजीकरण या नवीनीकरण करा सकते हैं। पिछले साल के पंजीकृत किसान इस साल भी अपने ब्योरे का नवीनीकरण कराकर खरीद केंद्रों पर धान बेच सकते हैं।
सरकार ने खरीद केंद्रों पर किसानों के बैठने, पीने के पानी और छांव की व्यवस्था समय से करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि नवंबर की बदलती मौसम स्थिति में किसानों को परेशानी न हो। किसी भी शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-1800-150 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील क्षेत्रीय विपणन अधिकारी और ब्लॉक विपणन निरीक्षक से भी सीधे मदद ली जा सकती है।
केंद्र सरकार ने इस साल कुल 14 खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी, जिसमें धान के साथ मक्का, कपास और दलहन जैसी फसलें भी शामिल हैं। धान की बढ़ी हुई दर का फायदा अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के खरीद केंद्रों पर किसानों को मिलना शुरू हो गया है।
प्रदेश सरकार पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा केंद्र खोलकर और तय समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित कर किसानों को कम परेशानी में फायदा दिलाने की कोशिश कर रही है।
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