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राज्य कृषि समाचार (State News)

अन्न का उत्पादन और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए जैविक खेती आवश्यक

10 जनवरी 2025, भोपाल: अन्न का उत्पादन और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए जैविक खेती आवश्यक – पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती भारत की मूल कृषि पद्धतियां हैं, जिन्हें लंबे समय से पुनः स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।   पटेल जबलपुर में “जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर क्षेत्रीय संगोष्ठी” को संबोधित कर रहे थे। क्षेत्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया को बचाने के लिए श्री अन्न की तरफ बढ़ने की बात कही है। श्री अन्न सभी उच्च कोटि के अनाज में शामिल है। मंत्री श्री पटेल श्री अन्न के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एक किलोग्राम मोटे अनाज के उत्पादन के लिए सिर्फ एक लीटर पानी की आवश्यकता होती है जबकि एक किलोग्राम गेहूं और धान क्रमशः 28 और 37 लीटर पानी की खपत के बाद उत्पादित किया जाता है। मंत्री श्री पटेल ने देश की बढ़ती आबादी के बीच श्री अन्न के उत्पादन और उसकी गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए जैविक खेती को आवश्यक बताया।

मंत्री श्री पटेल ने अपने गौरक्षा के संकल्प को भी याद किया। उन्होंने कहा भूमि की घटती हुई उर्वरा शक्ति को बचाने के लिए देशी गाय के गोबर से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। मंत्री श्री पटेल ने प्रमाणीकरण के विभिन्न स्तरों को भरोसे का संकट बताते हुए कहा कि निर्यात के लिए बाहरी देशों के मानकों की स्वीकार्यता हो सकती है पर देश में किसानों की ईमानदारी और उनकी तपस्या से परे किसी प्रमाणीकरण की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। किसानों के विश्वास से की गई खेती ही इस संकट का समाधान है। श्री पटेल ने कहा कि पशुधन के बिना जैविक और प्राकृतिक खेती करना असंभव है। मंत्री श्री पटेल ने तुलनात्मक व्याख्या कर गाय के गोबर के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने गौवंश को आर्थिक लाभ से परे परिवार की सुख और शांति के लिए लाभकारी बताया।

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कार्यक्रम में जैविक एवं प्राकृतिक खेती संस्थान के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह राजपूत सहित अन्य अधिकारी एवं कृषक उपस्थित थे I

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