Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

अब मोबाइल बताएगा फसल का हाल, जियो कृषि एप से बैतूल जिले की 200 महिला किसानों को मिल रही स्मार्ट कृषि सेवाएं

17 अगस्त 2026, भोपाल: अब मोबाइल बताएगा फसल का हाल, जियो कृषि एप से बैतूल जिले की 200 महिला किसानों को मिल रही स्मार्ट कृषि सेवाएं – मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के शाहपुर विकासखंड के गुरगुन्दा गांव में महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने की एक अभिनव पहल के तहत जियो कृषि एप की आधारित तकनीक स्थापित की गई है। इस पहल से गांव की लगभग 200 महिला किसान सीधे लाभान्वित हो रही हैं। यह पहल स्वयमश्री परियोजना के अंतर्गत पायलट के रूप में संचालित की जा रही है, जिसे मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं प्रदान संस्था द्वारा रिलायंस फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से लागू किया जा रहा है।

इस तकनीकी पहल के माध्यम से महिला किसानों को उनकी फसलों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी नियमित रूप से उनके स्मार्टफोन में उपलब्ध हो रही है। किसान अपने द्वारा बोई गई फसलों की जानकारी मोबाइल एप्लीकेशन में दर्ज कर रही हैं और उन्हें फसल की स्थिति तथा कृषि प्रबंधन से संबंधित अपडेट प्राप्त हो रहे हैं।

कृषि एप से मिलेगी कीट-रोग की जानकारी  

विशेष रूप से किसानों के लिए यह सुविधा उनकी फसलों में आने वाली कीट एवं रोग संबंधी समस्याओं की पहचान और समाधान में उपयोगी साबित हो रही है। किसान मोबाइल एप के माध्यम से अपनी फसल से जुड़ी समस्याओं और प्रश्नों को साझा कर रही हैं तथा विशेषज्ञ से सहायता प्राप्त भी कर रही हैं। इससे उन्हें समय पर सलाह लेने और फसल में होने वाले संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिल रही है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

इस वर्ष इस पूरी सेवा का लाभ महिला किसानों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। गुरगुन्दा गाँव में इसे पायलट के रूप में लागू करने का उद्देश्य यह समझना भी है कि डिजिटल आधारित कृषि सेवाओं के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों, विशेषकर महिला किसानों, को किस प्रकार बेहतर कृषि निर्णय लेने में सहयोग दिया जा सकता है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

इस पहल से गाँव की स्वं सहायता समूह से महिला किसानों को पारंपरिक कृषि ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल तकनीक, समय पर कृषि सलाह और फसल प्रबंधन की जानकारी से जोड़ने का अवसर मिल रहा है। इससे महिला किसानों की कृषि संबंधी निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होने तथा खेती को अधिक वैज्ञानिक एवं तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture