अमानक उर्वरकों के लिए अब निर्माता कंपनियां भी बनेंगी पक्षकार

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15 मार्च 2022, इंदौर ।  अमानक उर्वरकों के लिए अब निर्माता कंपनियां भी बनेंगी पक्षकार उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत अभी तक उर्वरकों के नमूने अमानक पाए जाने पर सिर्फ विक्रेता को ही दोषी मानकर उसे पक्षकार बनाया जाता था। ऑल इंडिया संघ की मांग पर अन्ततः केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने अब निर्माता कंपनियों को भी पक्षकार बनाने एवं कम्प्यूटराइज्ड स्टाक रजिस्टर को भी मान्यता देने पर सहमति दी है। गत दिनों इस संबंध में भारत के राजपत्र में आदेश जारी किया गया है।  

उक्त  जानकारी देते हुए ऑल इंडिया संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री संजय रघुवंशी ने बताया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत उर्वरकों के नमूने अमानक पाए जाने पर अब तक विभाग द्वारा सिर्फ विक्रेता को ही दोषी मानकर उन्हें पक्षकार बनाया जाता था ,जबकि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार मूल रूप से निर्माता कंपनी को इसमें पक्षकार बनाया जाना अनिवार्य होना चाहिए था। इस संबंध में संघ की ओर से केंद्र सरकार से कई बार निवेदन किया गया था। अन्ततः केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इसे स्वीकारते हुए अब निर्माता कंपनियों को भी पक्षकार बनाने पर सहमति दी है। उर्वरक नियंत्रण आदेश के खंड 19 में संशोधन कर दिया गया है। अब विक्रेता के साथ-साथ निर्माता कंपनी को भी न्यायालयीन गतिविधियों में आवश्यक रूप से पक्षकार बनाया जाएगा।

श्री रघुवंशी ने यह भी कहा कि आल इंडिया संघ द्वारा उर्वरकों के कंप्यूटर के स्टॉक रजिस्टर को भी मान्यता देने का निवेदन किया गया था, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार करते हुए नियंत्रण आदेश के खंड 35 में संशोधन कर दिया है।अब मैनुअली स्टॉक रजिस्टर के साथ -साथ उर्वरक के लिए कंप्यूटराइज्ड स्टॉक रजिस्टर को भी मान्यता प्रदान कर दी गई है। यह आदेश भारत के राजपत्र (क्रमांक एसओ 102 (e) दि  7 मार्च 2022 ) में प्रकाशित किया गया है।

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