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राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में किसान रजिस्ट्री का नया रिकॉर्ड: 10 लाख से अधिक किसानों को मिली फार्मर आईडी

12 जनवरी 2026, भोपाल: बिहार में किसान रजिस्ट्री का नया रिकॉर्ड: 10 लाख से अधिक किसानों को मिली फार्मर आईडी – बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और कृषि विभाग मिलकर किसानों के लिए एक विशेष अभियान चला रहे हैं, जिसे किसान रजिस्ट्री (AgriStack) कहा जाता है। इस पहल का उद्देश्य है कि राज्य के हर किसान की एक फार्मर आईडी तैयार की जाए। इस आईडी के जरिए सरकार किसानों को विभिन्न योजनाओं और वित्तीय लाभ आसानी से और बिना किसी रुकावट के प्रदान कर सकेगी। इसे ऐसे समझा जा सकता है जैसे हर किसान के पास एक डिजिटल पहचान पत्र हो, जो उन्हें सरकारी मदद लेने में तेज़ी और सुविधा दे।

10 लाख किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा

इस महाअभियान के तहत 09 जनवरी 2026 की रात तक बिहार में कुल 10,41,341 किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो गया है। यह राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में किसान एक साथ फार्मर रजिस्ट्री में शामिल हुए। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल के अनुसार, 09 जनवरी को निर्धारित लक्ष्य 2,68,500 किसानों का था, जबकि उस दिन 1,86,073 किसानों का रजिस्ट्रेशन किया गया। यह दर्शाता है कि प्रशासन की लगातार निगरानी और मेहनत से काम की गति बढ़ी और अभियान अब 21 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है।

एक दिन में रिकॉर्ड वृद्धि

आंकड़ों के मुताबिक, 08 जनवरी की रात तक 1,30,489 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, जो अगले दिन बढ़कर 1,86,073 हो गया। यानी सिर्फ एक दिन में लगभग 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे स्पष्ट होता है कि सही योजना और निगरानी के साथ काम जल्दी और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकता है।

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बेहतर और कम प्रदर्शन वाले जिले

अभियान में मुजफ्फरपुर और वैशाली ने अपने लक्ष्य से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन किया। इसके अलावा, अररिया, भागलपुर और कटिहार जैसे जिलों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। वहीं, कुछ जिले जैसे मधुबनी, बेगूसराय, समस्तीपुर, सिवान, सारण और कैमूर में रजिस्ट्रेशन की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। पूर्वी चंपारण, पटना, जहानाबाद, लखीसराय और मुंगेर में भी राज्य औसत से कम प्रगति हुई। इन जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की बेहतर तालमेल और निगरानी से काम तेजी से चल रहा है।

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ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन में अंतर

09 जनवरी की सुबह तक कुल 66,834 किसानों का ई-केवाईसी पूरा हुआ, जबकि केवल 29,735 का रजिस्ट्रेशन हुआ। इसका मतलब है कि कुछ किसान ई-केवाईसी करवा रहे हैं, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री पूरी तरह से नहीं हो पा रही है। इसे सुधारने के लिए किसानों को तकनीकी मदद और मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

कृषि मंत्री का निरीक्षण और संदेश

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने पटना के दानापुर अंचल में फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और कहा कि फार्मर आईडी से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसान और पारदर्शी तरीके से मिलेगा।

फार्मर आईडी के फायदे

फार्मर रजिस्ट्री के तहत हर किसान की आईडी को आधार और जमीन के रिकॉर्ड से जोड़ा जा रहा है। इसके जरिए पीएम-किसान जैसी योजनाओं का पैसा सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगा। अब किसान किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए इस आईडी के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकेंगे।

पायलट से पूरे बिहार तक

यह योजना पहले सारण, गया, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया और भागलपुर के कुछ गांवों में पायलट के रूप में शुरू की गई थी। अप्रैल 2025 से इसे बिहार के लगभग 44,500 राजस्व गांवों में लागू किया गया। अब तक 44 लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी हो चुका है और 12 लाख से ज्यादा फार्मर आईडी बन चुकी हैं।

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