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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में खाद के लिए नई डिजिटल व्यवस्था: अब ई-टोकन से ही मिलेगा उर्वरक, जानें पूरी प्रक्रिया

12 जून 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में खाद के लिए नई डिजिटल व्यवस्था: अब ई-टोकन से ही मिलेगा उर्वरक, जानें पूरी प्रक्रिया – खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही मध्यप्रदेश में किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। कई क्षेत्रों में धान की नर्सरी, रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे समय में किसानों के लिए समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण जरूरत बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस बार उर्वरक वितरण के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू की है।

मध्यप्रदेश सरकार ने ई-विकास प्रणाली (E-Vikas System) के माध्यम से खाद वितरण को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए पहले ऑनलाइन पंजीयन कर ई-टोकन (E-Token) लेना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही किसान निर्धारित अवधि में अधिकृत विक्रय केंद्रों से उर्वरक खरीद सकेंगे।

पारदर्शिता और कालाबाजारी पर रोक का दावा

सरकार का कहना है कि इस प्रणाली से खाद वितरण में पारदर्शिता आएगी और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही वास्तविक किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंचाना आसान होगा। अब प्रत्येक किसान की जरूरत और भूमि के अनुसार ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे वितरण प्रणाली अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।

कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?

राज्य में 1 अप्रैल 2026 से ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक वितरण प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत किसान को पहले ई-टोकन बुक करना होगा। टोकन जारी होने के बाद किसान को 3 दिनों के भीतर खाद प्राप्त करनी होगी। यदि निर्धारित समय में खाद नहीं ली जाती है, तो टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा और किसान को दोबारा आवेदन करना होगा।

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फार्मर आईडी अनिवार्य

नई व्यवस्था में एग्रीस्टैक फार्मर आईडी (Agristack Farmer ID) की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, वे ई-विकास पोर्टल पर ई-टोकन जनरेट नहीं कर पाएंगे और उन्हें खाद प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। अधिकारियों ने किसानों से जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है।

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जरूरत के अनुसार मिलेगा उर्वरक

इस प्रणाली के तहत किसान अपनी भूमि और फसल की जरूरत के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। यदि पहली बार में खाद लेने के बाद अतिरिक्त आवश्यकता होती है, तो किसान दोबारा ई-टोकन बुक कर खाद प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।

ऐसे करें ई-टोकन बुकिंग

किसान निम्न प्रक्रिया के माध्यम से ई-टोकन बुक कर सकते हैं:

  • सबसे पहले ई-विकास पोर्टल पर लॉगिन करें
  • आधार आधारित सत्यापन पूरा करें
  • भूमि और फसल संबंधी जानकारी दर्ज करें
  • आवश्यक उर्वरक का चयन करें
  • ऑनलाइन ई-टोकन प्राप्त करें
  • निर्धारित समय में अधिकृत केंद्र से खाद प्राप्त करें

बुकिंग का समय

ई-विकास पोर्टल पर किसान प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक ई-टोकन बुक कर सकते हैं। टोकन जारी होने के समय किसान की एग्रीस्टैक आईडी में दर्ज भूमि और फसल विवरण को आधार माना जाएगा। वितरण होते ही संबंधित विक्रय केंद्र के स्टॉक में ऑनलाइन अपडेट दर्ज हो जाएगा।

कालाबाजारी पर लगेगी रोक

कृषि विभाग का मानना है कि इस डिजिटल प्रणाली से खाद वितरण में पूरी पारदर्शिता आएगी। प्रत्येक उर्वरक बोरी का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होने से कालाबाजारी और अनधिकृत बिक्री पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा। साथ ही किसानों को बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में लगने से राहत मिलेगी।

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