राज्य कृषि समाचार (State News)

कीटनाशक छिड़काव में लापरवाही पड़ सकती है भारी, किसानों को सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह

02 सितंबर 2026, भोपाल: कीटनाशक छिड़काव में लापरवाही पड़ सकती है भारी, किसानों को सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह – फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के लिए किसान कीटनाशकों का उपयोग करते हैं, लेकिन इनके छिड़काव के दौरान थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य, फसल और पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हो सकती है। मध्यप्रदेश के कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से कीटनाशकों का इस्तेमाल करते समय जरूरी सावधानियां और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है। बालाघाट जिले के उप संचालक कृषि फूलसिंह मालवीय ने बताया कि किसानों को किसी भी कीटनाशक का उपयोग करने से पहले उसके लेबल को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए और फसल एवं कीट के अनुसार अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करना चाहिए। अधिक मात्रा में कीटनाशक का उपयोग करने से फसल, मिट्टी और पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है।

छिड़काव के दौरान सुरक्षा उपकरण जरूरी

कीटनाशक का छिड़काव करते समय किसानों को दस्ताने, मास्क या रेस्पिरेटर, सुरक्षा चश्मा, पूरी आस्तीन के कपड़े और जूते जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। हवा की दिशा को ध्यान में रखते हुए ही छिड़काव करें। तेज हवा या बारिश के दौरान कीटनाशक का छिड़काव करने से बचना चाहिए। छिड़काव के समय खाना-पीना और धूम्रपान भी नहीं करना चाहिए।

कीटनाशक का घोल तैयार करते समय दवा को सीधे हाथ से नहीं मिलाना चाहिए। बच्चों और पशुओं को दवा तथा छिड़काव किए जा रहे खेत से दूर रखना जरूरी है। कीटनाशकों को भोजन, पशु आहार और पीने के पानी से अलग, सुरक्षित स्थान पर और बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। खाली डिब्बे या पैकेट का दोबारा उपयोग नहीं करें और उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट करें।

छिड़काव के बाद भी सावधानी जरूरी

कृषि विभाग ने किसानों को छिड़काव के बाद हाथ-मुंह अच्छी तरह धोने और छिड़काव के दौरान पहने गए कपड़ों को अलग से धोने की सलाह दी है। फसल की कटाई से पहले कीटनाशक के लेबल पर निर्धारित प्रतीक्षा अवधि का पालन करना भी जरूरी है। फूल आने की अवस्था में, विशेषकर मधुमक्खियों की सक्रियता के समय, कीटनाशक के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है। इससे मधुमक्खियों और अन्य उपयोगी परागणकारी जीवों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

विषाक्तता के लक्षण दिखें तो तुरंत लें चिकित्सा सहायता

कीटनाशक के संपर्क में आने के बाद किसी किसान को चक्कर, उल्टी, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक पसीना आने जैसे विषाक्तता के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल छिड़काव बंद कर चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। ऐसी स्थिति में उपचार के दौरान संबंधित कीटनाशक का लेबल या डिब्बा साथ ले जाना उपयोगी रहेगा। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि कीटनाशकों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार, अनुशंसित मात्रा में और सही समय पर करें। उन्होंने संदेश दिया कि “कीटनाशक दवा है, खाद नहीं। इसका उपयोग अनुशंसित मात्रा में, सही समय पर और पूरी सुरक्षा के साथ ही करें।

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