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राज्य कृषि समाचार (State News)

नीमच: खरीफ फसलों की स्थिति का कृषि अधिकारियों ने लिया जायजा

04 सितंबर 2026, नीमच: नीमच: खरीफ फसलों की स्थिति का कृषि अधिकारियों ने लिया जायजा – कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार बुधवार को उप संचालक कृषि श्री नगीन सिंह रावत, सहायक संचालक श्री ओ.एस. बर्मन एवं कृषि अधिकारियों ने जावद विकासखंड के ग्राम अठाना, हनुमंतिया, खोर, धनेरिया, तुंबा, महेशपुरिया, सुवाखेड़ा, बरखेड़ा कामलिया सहित विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर खरीफ फसलों की स्थिति का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसानों को फसलों की सतत निगरानी रखने तथा निंदाई एवं कीट-व्याधि नियंत्रण के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी।

फसलों में कीट-व्याधि नियंत्रण के लिए सलाह – सोयाबीन में सेमीलूपर एवं गर्डल बीटल: प्रकोप दिखाई देने पर क्लोरएंट्रानिलीप्रोल 18.5 प्रतिशत एससी 150 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा पूर्व मिश्रित बीटा सायफ्लुथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड 350 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा थायोमिथाक्सम + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 125 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।

 सोयाबीन एवं उड़द में पीला मोजेक: रस चूसक कीट एवं सफेद मक्खी के नियंत्रण के लिए डाईमिथोएट 30 प्रतिशत ईसी 750 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल 200 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।

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मक्का में फॉल आर्मीवर्म: प्रकोप होने पर इमामेक्टिन बेंजोएट 220 ग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा क्लोरएंट्रानिलीप्रोल + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 200 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।

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मूंगफली में सफेद लट: क्लोथियानीडीन 50 प्रतिशत डब्ल्यूडीजी 250 ग्राम प्रति 1000 लीटर पानी प्रति हेक्टेयर की दर से ड्रेंचिंग करें।

मूंगफली में व्याधि नियंत्रण: पूर्व मिश्रित टेबुकोनाजोल + सल्फर 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।

खेतों में जलभराव: वर्षा के कारण खेतों में पानी भरने की स्थिति में तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करें।

फलदार पौधों में कीट नियंत्रण: डाईमिथोएट 1.5 मिलीलीटर एवं कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 डब्ल्यूपी 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से स्प्रे करें।

सोयाबीन में जैविक नियंत्रण: कीट नियंत्रण एवं पक्षियों के माध्यम से जैविक नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए खेत में 30 से 40 टी आकार के बर्ड परचर लगाएं।

कृषि विशेषज्ञों से लें सलाह -कृषि अधिकारियों ने किसानों से कीट-व्याधि के लक्षण दिखाई देने पर बिना विलंब विशेषज्ञों से सलाह लेने की अपील की है। आवश्यक सलाह के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. सी.पी. पचैरी से मोबाइल 9329468805 तथा कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. सारंगदेवोत से मोबाइल 9424530725 पर संपर्क किया जा सकता है।

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