झाबुआ में प्राकृतिक खेती का मॉडल बना मिसाल, कृषि सखियों और किसानों से मिले CM मोहन यादव
01 अगस्त 2026, भोपाल: झाबुआ में प्राकृतिक खेती का मॉडल बना मिसाल, कृषि सखियों और किसानों से मिले CM मोहन यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि झाबुआ जिले में प्राकृतिक खेती की अपार संभावनाएं हैं और यह खेती न केवल लोगों को स्वस्थ भोजन उपलब्ध कराने का माध्यम है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का भी प्रभावी विकल्प बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि क्षेत्र में नए अवसर विकसित हुए हैं और कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित प्रदेश स्तरीय “स्व-सहायता समूहों का क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम” में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई कृषि सखियों और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से संवाद कर उनके अनुभव सुने तथा शासन की योजनाओं पर चर्चा की।
कृषि सखियों के प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री ने ग्राम देवीगढ़ (विकासखंड मेघनगर) की उन्नतशील कृषि सखी श्रीमती संगीता डामोर से बातचीत कर उनके कार्यों की सराहना की। संगीता डामोर ने बताया कि उन्होंने कृषि सखी के रूप में प्राकृतिक खेती का पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है और वर्तमान में अपने गांव सहित आसपास के 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बीजामृत, जीवामृत और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक आदान तैयार करने की विधियां सिखाई जाती हैं। वे लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रही हैं और पिछले चार वर्षों से आत्मा परियोजना से जुड़कर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ अन्य किसानों को भी प्रशिक्षित कर रही हैं।
संगीता डामोर ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्राकृतिक खेती और बेहतर फसल प्रबंधन अपनाने से उनके खेत में गेहूं का उत्पादन 35 क्विंटल से बढ़कर 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया है। इससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि का प्रभावी माध्यम बन रही है।
मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे कृषि सखियों के बीच
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं कृषि सखियों के पास पहुंचे और उनसे प्राकृतिक खेती के अनुभवों तथा इससे होने वाली आय के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी कृषि सखियों को आगामी रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।
प्रगतिशील किसान विमल भाबोर की सफलता की कहानी
मुख्यमंत्री ने विकासखंड झाबुआ के ग्राम खेड़ी निवासी प्रगतिशील किसान श्री विमल भाबोर से भी संवाद किया। बातचीत के दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने की प्रेरणा, खेती में आए बदलाव, आय में वृद्धि और अन्य किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की।
विमल भाबोर ने बताया कि उनके पास 25 बीघा कृषि भूमि है और वे खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। कृषि विभाग द्वारा दिए गए प्रशिक्षण, भ्रमण और कृषक संगोष्ठियों से उन्हें नई तकनीकों को सीखने का अवसर मिला। वे पिछले पांच वर्षों से जैविक खेती और दो वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत उन्होंने अपने खेत पर जैव संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्थापित किया है, जहां जीवामृत, बीजामृत और अन्य प्राकृतिक आदान तैयार किए जाते हैं। इनका उपयोग वे अपने खेत में करने के साथ आसपास के किसानों को भी उपलब्ध कराते हैं। वर्तमान में वे प्राकृतिक विधि से सब्जियों, फलों और अन्य फसलों का उत्पादन कर रहे हैं।
प्राकृतिक खेती से बढ़ी आय
विमल भाबोर ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले खेती से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये का लाभ मिलता था, लेकिन प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उनकी वार्षिक आय बढ़कर करीब 1 लाख से 1.50 लाख रुपये हो गई है।
उन्होंने बताया कि मार्च से जून 2026 के दौरान उन्हें विभिन्न गतिविधियों से अतिरिक्त आय भी प्राप्त हुई। जैव संसाधन केंद्र से 5,500 रुपये, नर्सरी से लगभग 1.50 लाख रुपये, प्राकृतिक सब्जियों एवं फलों से करीब 1.60 लाख रुपये तथा वर्मी कम्पोस्ट खाद से लगभग 6 हजार रुपये की आय हुई।
प्राकृतिक खेती को बताया किसानों के लिए लाभकारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विमल भाबोर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
विमल भाबोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं और मार्गदर्शन से उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने की नई दिशा मिली है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

